IPL 2008 Recap: राजस्थान रॉयल्स के चैंपियन बनने से लेकर हरभजन-श्रीसंत विवाद तक, पहले सीजन से जुड़ी हर जानकरी
राजस्थान रॉयल्स बनी थी IPL 2008 की चैंपियन।
अद्यतन - Mar 10, 2024 11:29 am

साल 2008 में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का आगाज हुआ था। ये वही लीग है जिसे अब लोग इंडिया का त्योहार मानते हैं। लगभग दो महीने तक खेले जाने वाले इस टूर्नामेंट के दौरान फैंस, प्लेयर्स, फ्रेंचाइजी सभी का उत्साह और रोमांच चरम पर रहता है। जब 2008 में इस लीग की शुरुआत हुई थी तब किसी ने नहीं सोचा था कि, ये टूर्नामेंट इतना सफल होगा।
लेकिन पहले ही सीजन कुछ ऐसी बातें हुई, जिसे देखने के बाद प्लेयर्स सहित फैंस को ये अंदाजा हो गया था कि ये लीग आगे जाकर भारतीय क्रिकेट के साथ – साथ विश्व क्रिकेट की तस्वीर बदलने वाली है। अब आप भी सोच रहे होंगे कि पहले सीजन में ऐसा क्या खास हुआ था। तो आइए हम आपको बताते हैं IPL के पहले सीजन की कुछ खास और रोचक बातें।
दरअसल भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने साल 2007 में आईपीएल को स्थापित किया था और टूर्नामेंट पहला सीजन 18 अप्रैल से 1 जून के बीच खेला गया था। डबल राउंड रॉबिन लीग स्टेज के साथ पहला सीजन शुरू हुआ। जिसमें आठ फ्रेंचाइजी टीमें एक-एक मैच अपने होम ग्राउंड पर और एक-एक मैच विरोधी टीम के होम ग्राउंड पर खेलीं और फिर चार टीमें सेमीफाइनल में पहुंची और दो टीमों के बीच खिताबी जंग हुई।
कुछ बड़े प्लेयर्स को टीम ने बनाया था अपना आइकन

आईपीएल 2008 के टीमों के लिए ओनरशिप ऑक्शन 24 जनवरी 2008 को हुआ था। वहां भी मुंबई सबसे महंगी टीम थी, आईपीएल के पहले सीजन के लिए हर टीम के पास पर्स में लगभग 20 करोड़ रुपये थे। सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़ युवराज सिंह और वीरेंद्र सहवाग को आइकन प्लेयर्स की लिस्ट में डाला गया था।
वहीं कुछ खिलाड़ियों को मार्की प्लेयर्स की लिस्ट में रखा गया था। खिलाड़ियों का ऑक्शन 20 फरवरी को हुआ था। उस ऑक्शन में महेंद्र सिंह धोनी सबसे महंगे खिलाड़ी बने थे, उन्हें चेन्नई सुपर किंग्स ने 1.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर में खरीदा था। उसके अलावा एंड्रयू सायमंड्स सबसे महंगे विदेशी खिलाड़ी बने थे। सायमंड्स को डेक्कन चार्जेर्स ने खरीदा था।