आईपीएल 2023: लखनऊ में सट्टेबाजी रैकेट का बड़ा खुलासा, पुलिस ने पांच आरोपियों को धर दबोचा
लखनऊ में एक सट्टेबाजी रैकेट चलाने वाले युवाओं को पुलिस ने दबोच लिया है।
अद्यतन - May 19, 2023 1:35 pm

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के जारी 16वें संस्करण के दौरान उत्तर प्रदेश में सट्टेबाजी का खेल जमकर खेला जा रहा था, लेकिन लखनऊ पुलिस के हाथ आखिरकार सफलता लग गई। दरअसल, लखनऊ में एक सट्टेबाजी रैकेट चलाने वाले युवाओं को पुलिस ने हाल ही में दबोच लिया है।
लखनऊ पुलिस ने कथित तौर पर राजस्थान के आनंद स्वामी (26), श्रेयश बलसारा (27) और हरियाणा के रोहित शिवाज (20), पारस मगू (30) और सुमित दहिया (25) को लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस इलाके में धर दबोचा है, जो पिछले चार वर्षों से सट्टे का कारोबार चला रहे थे। पुलिस के अनुसार, ये सभी युवा प्राइवेट कंपनियों में मध्यम स्तर की नौकरियां करते हैं, और हर साल आईपीएल के दौरान इकट्ठे होते हैं, और फिर ये सट्टेबाजी ग्रुप सक्रीय हो जाता है।
इस बीच, लखनऊ पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए पांच लोगों में से एक सुमित दहिया पूरे ऑपरेशन का मास्टरमाइंड है, और उसने एक निजी विश्वविद्यालय से BBA किया है, जबकि अन्य चार लोगों ने अलग-अलग विश्वविद्यालयों से B.Tech किया।
इन बदमाशों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है: डीसीपी विनीत जायसवाल
साउथ जोन के डीसीपी विनीत जायसवाल ने उन्हें गिरफ्तार करने के बाद कहा: “हमें इस गिरोह के बारे में जानकारी मिली थी, और फिर सर्विलांस के आधार पर 17 मई को इनका भंडाफोड़ हुआ। इन बदमाशों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है, और साथ ही इस वारदात का खुलासा भी कर दिया है।”
पुलिस ने यह भी दावा किया कि लखनऊ में सट्टेबाजी रैकेट चलाने वाले इस गिरोह ने जारी आईपीएल 2023 में हर मैच का ऑनलाइन रिले देखने के लिए अपने लैपटॉप में ‘क्रिकेट लाइव ऐप’ डाउनलोड किया था। उन्होंने बताया कि सैटेलाइट के माध्यम से टेलीविजन पर मैच का सीधा प्रसारण तीन से चार सेकंड की देरी से होता है, इसलिए वे तत्काल अपडेट के लिए ऐप का इस्तेमाल किया करते थे। इन सभी पांचों ने पैसे कमाने के लिए तकनीकी का इस्तेमाल बखूबी किया।
वे लोगों को फोन करते थे और सोशल मीडिया का इस्तेमाल लोगों से मैचों पर सट्टा लगाने के लिए कहने के लिए करते थे। वे लोगों को आईपीएल मैचों के दौरान सट्टा लगाने के लिए मोटी रकम का लालच भी देते थे। वहीं दूसरी ओर, सुशांत गल्फ सिटी पुलिस के एसएचओ शैलेंद्र गिरी ने कहा कि ये पांचों आईपीएल का हर मैच को देखने के लिए अलग-अलग शहरों की यात्रा करते थे, और उनमें से एक स्टेडियम में होता था, तो अन्य रैकेट संचालित करते थे।