सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड ध्वस्त! Joe Root बने टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज
हाफ-सेंचुरी लीडरबोर्ड पर टॉप पर पहुंचने के अलावा, रूट एजबेस्टन में 1,000 से ज्यादा रन बनाने वाले टेस्ट इतिहास के पहले बल्लेबाज भी बन गए।
अद्यतन - सितम्बर 13, 2026 10:36 पूर्वाह्न

शनिवार, 12 सितंबर को इंग्लैंड के बेहतरीन बल्लेबाज जो रूट (Joe Root) ने आधिकारिक तौर पर क्रिकेट इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया। उन्होंने भारतीय दिग्गज सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़ते हुए टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा अर्धशतक लगाने वाले खिलाड़ी का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
यह उपलब्धि इंग्लैंड को एजबेस्टन में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच में पाकिस्तान के खिलाफ आठ विकेट से मिली जीत के दौरान हासिल हुई। रूट ने जॉर्डन कॉक्स (नाबाद 59) के साथ मिलकर 130 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम को जीत दिलाई; रूट खुद सिर्फ 69 गेंदों पर 62 रन बनाकर नाबाद रहे। इस शानदार पारी के साथ रूट ने टेस्ट क्रिकेट में अपना 69वां अर्धशतक पूरा किया और इस तरह वे सचिन तेंदुलकर के लंबे समय से चले आ रहे 68 अर्धशतकों के रिकॉर्ड से आगे निकल गए।
रूट ने पहले हेडिंग्ले में सीरीज के शुरुआती मैच में इस रिकॉर्ड की बराबरी की थी और फिर बर्मिंघम में इस रिकॉर्ड पर पूरी तरह अपना कब्जा जमा लिया, जिससे इंग्लैंड ने सीरीज में 3-0 से शानदार जीत हासिल की।
टेस्ट क्रिकेट में अब तक सबसे ज्यादा अर्धशतक
| बल्लेबाज | देश | टेस्ट अर्धशतक |
| जो रूट | इंग्लैंड | 69 |
| सचिन तेंदुलकर | भारत | 68 |
| शिवनारायण चंद्रपॉल | वेस्टइंडीज | 66 |
| एलन बॉर्डर | ऑस्ट्रेलिया | 63 |
| राहुल द्रविड़ | भारत | 63 |
| रिकी पोंटिंग | ऑस्ट्रेलिया | 62 |
हाफ-सेंचुरी लीडरबोर्ड पर टॉप पर पहुंचने के अलावा, रूट एजबेस्टन में 1,000 से ज्यादा रन बनाने वाले टेस्ट इतिहास के पहले बल्लेबाज भी बन गए।
इस उपलब्धि के साथ, 35 वर्षीय खिलाड़ी जैक्स कैलिस और रिकी पोंटिंग वाले खास क्लब में शामिल हो गए हैं। वे चार अलग-अलग वेन्यू पर 1,000 या उससे ज्यादा टेस्ट रन बनाने वाले तीसरे बल्लेबाज बन गए हैं, इससे पहले वे लॉर्ड्स (2,203), मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड (1,128) और द ओवल (1,050) में यह आंकड़ा पार कर चुके थे।
सीरीज की हाइलाइट्स
अगस्त-सितंबर 2026 की टेस्ट सीरीज में, इंग्लैंड की दमदार क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान के खिलाफ 3-0 से क्लीन स्वीप जीत हासिल की। मेजबान टीम ने लीड्स में पहला टेस्ट एक पारी और 103 रनों से जीता था, लॉर्ड्स में दूसरा टेस्ट 194 रनों से अपने नाम किया और बर्मिंघम में सीरीज में क्लीन स्वीप पूरा किया। खास बात यह है कि यह सीरीज अनोखे ढंग से खत्म हुई, जिसमें किसी भी टीम की ओर से एक भी शतक देखने को नहीं मिला।