बेंगलुरू भगदड़ मामले पर KSCA ने 6 घंटे तक की इमरजेंसी मीटिंग, कोषाध्यक्ष और सचिव के इस्तीफे स्वीकार किए गए

बेंगलुरू भगदड़ मामले पर KSCA ने की 6 घंटे की इमरजेंसी मीटिंग, कोषाध्यक्ष और सचिव के इस्तीफे स्वीकार किए

इस मीटिंग में केएससीए अध्यक्ष रघुराम भट ने कहा, बेंगलुरू भगदड़ मामला अदालत में है, मैं अभी कोई जानकारी साझा नहीं कर सकता।

KSCA (Image Credit- Twitter X)
KSCA (Image Credit- Twitter X)

बेंगलुरू भगदड़ मामले में आज 7 जून को कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) ने 6 घंटे की एक लंबी इमरजेंसी मीटिंग की है। गौरतलब है कि आईपीएल 2025 की ट्राॅफी जीतने के बाद, आरसीबी टीम के विक्ट्री सेलेब्रेशन में एम चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर मची भगदड़ में 11 लोगों की जान चली गई, जबकि 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए।

तो वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए कर्नाटक हाई कोर्ट ने मामले पर निर्णय लेने तथा इसमें शामिल पक्षों अर्थात केएससीए, आरसीबी, कर्नाटक पुलिस तथा डीएनए एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड का पक्ष सुनने के लिए स्वतः संज्ञान लिया था।

इस दुखद घटना के बाद, केएससीए के दो शीर्ष अधिकारियों सेकेट्ररी ए शंकर और कोषाध्यक्ष ईएस जयराम का संयुक्त इस्तीफा संघ के कार्यालय में पहुंचा। दोनों ने नैतिक आधार का हवाला देते हुए मामले से दूर रहने का फैसला किया था और एक दिन बाद, केएससीए अध्यक्ष रघुराम भट की अध्यक्षता वाली प्रबंध समिति ने शनिवार, 7 जून को छह घंटे की आपातकालीन बैठक के बाद, दोनों अधिकारियों का इस्तीफा स्वीकार कर लिया।

केएससीए अध्यक्ष रघुराम भट ने दिया बड़ा बयान

बेंगलुरू भगदड़ मामले में पर की गई इस इमरजेंसी मीटिंग के बाद, केएससीए अध्यक्ष रघुराम भट ने कहा- मैंने प्रबंध समिति की आपातकालीन बैठक बुलाई थी, जिसमें निर्णय लिए जाने थे। हमारे दो सदस्य, सेकेट्ररी (ए शंकर) और कोषाध्यक्ष (ईएस जयराम) ने इस्तीफा दे दिया है। नैतिक आधार पर उन्हें लगा कि यह पद के योग्य नहीं है, इसलिए उन्होंने इस्तीफा दे दिया है।

इसलिए, यह बैठक बुलाई गई, क्योंकि मुझे समिति के सामने त्यागपत्र स्वीकार करने के लिए रखना था। समिति ने उनके काम की प्रशंसा की, जो भी उन्होंने ढाई साल तक किया है। उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। मैं इससे ज्यादा कुछ नहीं बोल सकता, क्योंकि यह मामला न्यायालय में है।

तो वहीं, अब यह मामला कर्नाटक हाई कोर्ट में लंबित है, और उक्त मामले पर अगली सुनवाई 10 जून को होगी। मामले की सुनवाई के बाद ही रघुराम भट उचित समय आने पर कोई टिप्पणी कर सकेंगे।

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