मैं भविष्य में खुद को लेग स्पिन ऑलराउंडर खिलाड़ी के तौर पर देखना चाहता हूं - रवि बिश्नोई - क्रिकट्रैकर हिंदी

मैं भविष्य में खुद को लेग स्पिन ऑलराउंडर खिलाड़ी के तौर पर देखना चाहता हूं – रवि बिश्नोई

रवि बिश्नोई की माने तो, वो अपनी बल्लेबाजी पर मेहनत कर रहा हैं और बल्ले से मैच जिताने की पूरी कोशिश करेंगे।

Ravi Bishnoi. (Photo Source: IPL/BCCI)
Ravi Bishnoi. (Photo Source: IPL/BCCI)

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2022 में लखनऊ सुपर जाइंट्स (LSG) की ओर से खेल रहे लेग स्पिन गेंदबाज रवि विश्नोई अपनी गेंदबाजी और अपनी टीम के प्रदर्शन से काफी खुश हैं। बता दें कि, साल 2020 में अंडर-19 वर्ल्ड कप में रवि ने 17 विकेट अपने नाम किए थे और टूर्नामेंट के सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे थे। रवि पहले मीडियम पेसर गेंदबाज बनना चाहते थे।

साल 2020 अंडर-19 वर्ल्ड कप के प्रदर्शन के बाद कई लोगों ने रवि की गेंदबाजी की तारीफ की। आईपीएल 2020 सीजन में रवि बिश्नोई पंजाब किंग्स (PBKS) की ओर से खेले थे। जहां उन्हें पूर्व भारतीय कप्तान अनिल कुंबले से लेग स्पिन के बारे में काफी कुछ सीखने का भी मौका मिला। कुंबले की तरह, रवि बिश्नोई की ताकत भी उनकी तेज गुगली और विकेट-टू-विकेट गेंद करना हो गई है। जिसकी वजह से कई बल्लेबाज उनकी गेंदो को पढ़ नहीं पाए और अपना विकेट गंवा बैठे।

पंजाब किंग्स की टीम में उन्होंने 2 साल बिताए, जिसमें उन्होंने 23 मुकाबलों में 24.92 के औसत से 24 विकेट अपने नाम किए। इन विकेट में डेविड वॉर्नर, ऋषभ पंत और आरोन फिंच भी शामिल थे।

रवि बिश्नोई के घरेलू प्रदर्शन ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय टीम में जगह दी। उन्होंने अपना पहला टी-20 मुकाबला वेस्टइंडीज के खिलाफ कोलकाता के ईडन गार्डन्स मैदान में खेला, जहां उन्होंने 17 रन देकर दो विकेट चटकाए और प्लेयर ऑफ द मैच अवार्ड अपने नाम किया। इस समय कलाई स्पिनरों की टी-20 फॉर्मेट में अधिक मांग है जिसको देखते हुए चयनकर्ता आगामी टी-20 वर्ल्ड कप जो ऑस्ट्रेलिया में होने वाला है उसमें उनका नाम चयनित कर सकते हैं।

इस आईपीएल सीजन में रवि लखनऊ सुपर जायंट्स की ओर से खेल रहे हैं और वो टीम के मुख्य स्पिनर हैं। टीम ने उनको 4 करोड़ रुपए में अपनी टीम में शामिल किया था। यही नहीं उनको टीम में शामिल करने के लिए खुद टीम के मेंटर गौतम गंभीर ने कहा था। हालांकि इस संस्करण में रवि बिश्नोई का प्रदर्शन साधारण रहा है लेकिन लगातार गौतम गंभीर और केएल राहुल का साथ मिल रहा है।

लखनऊ सुपर जाइंट्स ने अभी तक 12 मुकाबले खेले हैं जिसमें उन्होंने आठ में जीत दर्ज की है और अंक तालिका में वो दूसरे स्थान पर काबिज है। उनको प्लेऑफ क्वालीफाई करने के लिए एक जीत और दर्ज करनी है। रवि बिश्नोई ने स्पोर्ट्सकीड़ा से बात करते हुए गौतम गंभीर मेंटर के तौर पर कैसे हैं और अनिल कुंबले से उन्होंने 2 साल में क्या सीखा यह सब बताया।

सवाल:

प्रशन 1:

आईपीएल एक ऐसा टूर्नामेंट है जिसमें तमाम मुकाबले ऐसे होते है जो आखिरी ओवर तक जाते है। ऐसे मुकाबलों में आप कैसे अपने दिमाग को शांत रखते हैं?

बिश्नोई:

आईपीएल पूरी दुनिया की सबसे मजबूत लीग है, तो प्रेशर आना लाजमी है। लगातार मुकाबले होते रहते हैं लेकिन हम अपने आप को शांत रखने की कोशिश करते हैं। मैं दिमाग को शांत रखने के लिए जिम में जाकर पसीना बहाता हूं और सभी रिकवरी सत्र को मजे से करता हूं।

प्रशन 2:

गौतम गंभीर जब खेलते थे तब उनको सब लोग गेंदबाज कप्तान के रूप में जानते थे आपको टीम में शामिल करने का क्या कारण था और वो आपके अंदर खराब प्रदर्शन के बाद कैसे हौसला बढ़ाते हैं?

बिश्नोई:

गौतम गंभीर सर जब खेलते थे तब वह गेंदबाज कप्तान थे और आज भी वह गेंदबाजों को खूब सपोर्ट करते हैं। वह मुझसे हमेशा कहते हैं कि गेंदबाजी सधी हुई करें, जिससे टीम को जीत मिल पाए।

प्रशन 3:

आपने आईपीएल में तमाम लेग स्पिनरों के साथ समय गुजारा है। चाहे वो अनिल कुंबले हो या युजवेंद्र चहल या राशिद खान। आपके हिसाब से आप किन चीजों पर और बेहतर काम कर सकते हैं?

बिश्नोई:

मैंने अनिल सर चहल भैया और राशिद भाई से बहुत कुछ सीखा है। उन सब ने बस यही कहा कि ऐसे ही गेंदबाजी करते रहिए और जो आप का मजबूत पक्ष है उस पर भरोसा करते रहिए। टी-20 में खुद पर भरोसा होना सबसे जरूरी बात है।

प्रशन 4:

आपने सिरोही में नीचे बल्लेबाजी क्रम में काफी अच्छी पारियां खेली है। आपकी फील्डिंग भी अच्छी है। भारतीय टीम को इस समय एक लेग स्पिन ऑलराउंडर खिलाड़ी चाहिए क्या आप खुद को इस भूमिका में भविष्य में देखते हैं?

बिश्नोई:

जरूर मैं अपने आपको भविष्य में इस किरदार में जरूर देखना चाहूंगा। मैं अपनी बल्लेबाजी पर मेहनत कर रहा हूं और बल्ले से मैच जिताने की पूरी कोशिश करूंगा। अगर मैं अपनी टीम के लिए 10 रन बनाकर मुकाबला जिता पाया तो मुझे अपने प्रदर्शन से काफी खुशी होगी।