2011 में वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम इंडिया का एक सदस्य फिक्सिंग के घेरे में - क्रिकट्रैकर हिंदी

2011 में वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम इंडिया का एक सदस्य फिक्सिंग के घेरे में

World Cup
A file picture of the World Cup. (Photo Source: Twitter)

भारतीय टीम ने साल 2011 में वर्ल्ड कप जीतकर दूसरी बार इतिहास रच दिया था. कप्तान महेंद्र सिंह की कप्तानी में भारतीय टीम ने वर्ल्ड कप जीता. वहीं कुछ दिन पहले महेंद्र सिंह धोनी को पद्म भूषण अवार्ड मिला और इस आवाज के साथ उन्होंने वर्ल्ड कप जीत की 7 वी वर्षगांठ मनाई है. लेकिन अब एक बार फिर से साल 2011 का वर्ल्ड कप मैच फिक्सिंग की वजह से चर्चा में आ गया है.

खबरें यह भी आ रही है कि साल 2011 में हुए वर्ल्ड कप विजेता टीम के एक सदस्य की मैच फिक्सिंग के आरोप में जांच हो रही है. और इस सदस्य पर आरोप है कि मैच फिक्सिंग के सिंडिकेट से इसका लिंक भी जुड़ा हुआ है. मैच फिक्सिंग वाले सिंडिकेट ने साल 2017 में जयपुर में एक घरेलू टी-20 टूर्नामेंट भी करवा चुकी है. अखबार इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक राजपुताना प्रीमियर लीग बीसीसीआई के एंटी करप्शन यूनिट के शक के घेरे में आया था.

वहीं अब राजस्थान पुलिस और सीआईडी की टीम इस पूरे मामले की जांच कर रही है. राजपूताना प्रीमियर लीग का प्रसारण नियो स्पोर्ट्स पर हुआ था. क्योंकि नियो स्पोर्ट्स के पास भारतीय क्रिकेट टीम  के घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंट के प्रसारण के अधिकार थे. और इस राजपूताना प्रीमियर लीग में क्लब क्रिकेटरों ने भाग लिया था. वही राजस्थान पुलिस को जो जानकारी मिली है उसमे ये भी बात सामने आ रही है कि मैच फिक्सिंग के मास्टरमाइंड राजपूताना प्रीमियर लीग को सफल बनाना चाहता था. और उसका बिजनेस लिंक एक भारतीय खिलाड़ी से भी जुड़ा हुआ था.

वहीं राजपूताना प्रीमियर लीग की भी फिक्सिंग की जांच हो रही है क्योंकि इस लीग के दौरान वह आरोपी खिलाड़ी देखा गया था. जिसके बाद कई सवाल भी उठे थे. और यही वजह थी कि बीसीसीआई ने राजस्थान पुलिस से इस लीग की जांच की मांग की थी. वही ₹14 से पूछताछ के बाद 2011 वर्ल्ड कप टीम के सदस्य का नाम सामने आया. और आरोपी सट्टेबाजोंं को पिछले साााल जुलाई में जयपुर के होटल में छापेमारी करने के बाद गिरफ्तार किया गया था उनकेेे पास से भारी कैश, लैपटॉप, मोबाइल, और वॉकी-टॉकी भी बरामद किया गया था. इसमें राजपूताना प्रीमियर लीग के ऑर्गेनाइजर  खिलाड़ी  और अंपायर भी सट्टेबाजों के साथ शामििल थे.

वही सभी गिरफ्तार आरोपियों को जमानत मिल गई है और केस को पिछले साल नवंबर में सीआईडी को ट्रांसफर कर दिया गया है. और CID इस पूरे मामले की जांच में जुट गई है CID के अधिकारी आरोपी खिलाड़ी का नाम बताने से इनकार कर रहे हैं क्योंकि मामले की जांच अभी चल रही है और कॉल डिटेल की जांच भी की जा रही है. खबर है कि इसमें कई हाई प्रोफाइल लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं. वही बीसीसीआई और पुलिस के जांच के घेरे में कई छोटे फॉर्मेट के टूर्नामेंट भी हैं. श्रीलंका के वर्ल्ड कप विजेता अर्जुन राणातुंगा ने 2011 में हुए वर्ल्ड कप के फाइनल मैच का फिक्स होने का आरोप लगाया था. लेकिन श्रीलंका के हार की वजह से राणातुंगा के आरोपों की जमकर आलोचनाएं हुई थी.