BGT 2024-25: एलन बॉर्डर के साथ सुनील गावस्कर को भी ट्रॉफी प्रेजेंटेशन में शामिल किया जाना चाहिए था: माइकल क्लार्क
ऑस्ट्रेलिया ने 5 मैचों की टेस्ट सीरीज को टीम इंडिया के खिलाफ 3-1 से अपने नाम किया था।
अद्यतन - जनवरी 9, 2025 2:42 अपराह्न

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी माइकल क्लार्क ने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को इस बात के लिए जमकर फटकार लगाई है कि आखिर क्यों बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 प्रेजेंटेशन के दौरान सुनील गावस्कर को शामिल नहीं किया गया। बता दें कि, ऑस्ट्रेलिया ने 5 मैचों की टेस्ट सीरीज को टीम इंडिया के खिलाफ 3-1 से अपने नाम किया था।
बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी का नाम ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज खिलाड़ी एलन बॉर्डर और भारत के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक सुनील गावस्कर के नाम पर रखा गया है। ऑस्ट्रेलिया टीम को जब ट्रॉफी दी गई तो वेन्यू पर सुनील गावस्कर भी मौजूद थे, लेकिन उन्हें एलन बॉर्डर के साथ स्टेज पर ट्रॉफी देने के लिए नहीं बुलाया गया। यह देखकर सुनील गावस्कर भी काफी हैरान व निराश दिखे।
सुनील गावस्कर ने कोड स्पोर्ट्स को बताया कि, ‘जब बात प्रेजेंटेशन की आती है तो मुझे उससे नहीं मतलब है कि ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज जीती। उन्होंने काफी अच्छा क्रिकेट खेला था और इसी वजह से टीम ने जीत दर्ज की। ठीक है लेकिन मुझे ज्यादा खुशी होती अगर मैं अपने अच्छे दोस्त एलन बॉर्डर के साथ ट्रॉफी देने के लिए वहां मौजूद होता।’
अब इस पर माइकल क्लार्क ने अपना पक्ष रखा है और कहा कि, ‘क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया यहां ट्रिक मिस कर गए। बहुत लोगों को यह बात पता नहीं होगी, लेकिन सीरीज की शुरुआत में ही यह योजना बनाई गई थी कि अगर इंडिया जीतती है तो सुनील गावस्कर ट्रॉफी देने के लिए मौजूद होंगे और अगर ऑस्ट्रेलिया जीती तो एलन बॉर्डर उन्हें ट्रॉफी देंगे। इसलिए दोनों लोगों के लिए यह हैरानी की बात नहीं थी। लेकिन मेरा मानना यह है कि चाहे कोई भी जीते दोनों को वहां मौजूद रहना चाहिए था। यह सही बात नहीं है।’
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने भी इसको लेकर अपना पक्ष रखा
वहीं क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के प्रवक्ता ने भी कहा कि, ‘हम इस बात को समझते हैं और यह ज्यादा अच्छा होता अगर दोनों एलन बॉर्डर और सुनील गावस्कर स्टेज पर गए होते।’
ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ियों ने इस पूरी सीरीज में धमाकेदार प्रदर्शन किया था और टीम इंडिया के ऊपर दबाव बनाया हुआ था। टीम इंडिया की बात की जाए तो जसप्रीत बुमराह के अलावा कोई भी अन्य खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया के ऊपर दबाव नहीं बन पाया।