पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के दिग्गज खिलाड़ी मोहम्मद हफीज ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को कहा अलविदा - क्रिकट्रैकर हिंदी

पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के दिग्गज खिलाड़ी मोहम्मद हफीज ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को कहा अलविदा

41 साल के पाकिस्तानी आलराउंडर खिलाड़ी मोहम्मद हफीज अब पाकिस्तान सुपर लीग के आगामी सीजन में लाहौर कलंदर टीम की तरफ से खेलते हुए नजर आने वाले हैं।

Mohammad Hafeez. (Photo by Francois Nel/Getty Images)
Mohammad Hafeez. (Photo by Francois Nel/Getty Images)

पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज आलराउंडर खिलाड़ियों में शामिल किए जाने वाले मिस्टर प्रोफेसर के नाम से पहचाने जाने वाले मोहम्मद हफीज ने 3 जनवरी की सुबह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया। जिसके बाद अब वह सिर्फ फ्रेंचाइजी टी-20 क्रिकेट में खेलते हुए नजर आने वाले हैं।

साल 2003 में जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे मैच के जरिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने वाले मोहम्मद हफीज ने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच साल 2021 में हुए टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमी-फाइनल मुकाले में खेला था।

मोहम्मद हफीज के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट रिकॉर्ड पर नजर डाली जाए तो उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 55 मुकाबलों में 37.64 के औसत से 3652 रन बनाए। वहीं 218 वनडे मैचों में हफीज ने 32.90 के औसत से 6614 रन बनाए जबकि 119 टी-20 मुकाबलों में हफीज के बल्ले से 26.46 के औसत से 2514 रन देखने को मिले हैं।

इसके अलावा वह एक बेहतरीन ऑफ स्पिनर गेंदबाज भी थे, जिसमें लिमिटेड ओवर्स फॉर्मेट में उन्होंने कई बार टीम के लिए गेंद से मैच विनिंग प्रदर्शन भी किया है। हफीज के नाम टेस्ट में 53, वनडे में 139 और टी-20 में 61 विकेट लेने का कारनामा दर्ज है।

साल 2018 में टेस्ट फॉर्मेट से ले लिया था संन्यास

साल 2018 में मोहम्मद हफीज ने यूएई में न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के दौरान इस फॉर्मेट से अपने संन्यास का ऐलान दिया था, जिसमें उन्होंने अपना आखिरी मुकाबला अबू धाबी के मैदान में खेला था। वहीं इसके बाद हफीज ने लगातार लिमिटेड ओवर्स में खेलना जारी रखा जिसमें चयनकर्ताओं ने कई बार उन्हें टीम से अंदर और बाहर का रास्ता भी दिखाने का काम किया।

हफीज ने अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास को लेकर पहले ही यह जाहिर कर दिया था कि वह साल 2020 के टी-20 वर्ल्ड कप के बाद अलविदा कह देंगे। लेकिन कोरोना महामारी की वजह से उन्हें अपने इस फैसले को एक साल के लिए आगे बढ़ाना पड़ा। साल 2009 के टी-20 वर्ल्ड कप से लेकर अभी तक हुए सभी टी-20 वर्ल्ड कप में हफीज टीम का अहम हिस्सा रहे हैं।