क्रिकेट से संन्यास लेना चाहते थे मोहम्मद शमी, भारत के पूर्व गेंदबाजी कोच ने दी थी बड़ी सलाह
2018 में जब भारत को इंग्लैंड का दौरा करना था तब शमी यो-यो टेस्ट में फेल हो गए थे।
अद्यतन - फरवरी 14, 2023 5:38 अपराह्न

भारतीय टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को काफी समय तक अपने व्यक्तिगत और प्रोफेशनल जीवन में बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। एक ऐसा भी समय था जब वो अपने क्रिकेट करियर को पूरी तरह से छोड़ देना चाहते थे। बता दें, 2018 में जब भारत को इंग्लैंड का दौरा करना था तब शमी यो-यो टेस्ट में फेल हो गए थे।
फिटनेस की समस्या की वजह से इंग्लैंड दौरे में शमी को भारतीय टीम में जगह नहीं मिली और उन्होंने यह फैसला ले लिया था कि अब वो इस खेल से संन्यास ले लेंगे। चोटिल होने की वजह से शमी ने कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में हिस्सा नहीं लिया। जब इंग्लैंड दौरे में शमी को भारतीय टीम में जगह नहीं मिली तब उन्होंने टीम के पूर्व गेंदबाजी कोच भारत अरुण से बातचीत की और कहा कि व्यक्तिगत समस्याओं की वजह से वो क्रिकेट छोड़ना चाहते हैं।
यो-यो टेस्ट में फेल हो गए थे मोहम्मद शमी
क्रिकबज में बात करते हुए भारत अरुण ने शमी को लेकर कहा कि, ‘2018 में इंग्लैंड के दौरे से ठीक पहले हम लोगों ने फिटनेस टेस्ट का आयोजन किया था जिसमें शमी फेल हो गए थे। उन्हें भारतीय टीम में जगह नहीं मिली। उन्होंने मुझे कॉल किया और कहा कि उन्हें मुझसे बात करनी है। वो उस समय व्यक्तिगत समस्याओं से जूझ रहे थे। उनकी फिटनेस में भी यह देखने को मिला और उनका मानसिक रूप भी पूरी तरह से चला गया था।
वो मेरे पास आए और बोलने लगे कि, ‘मैं बहुत गुस्सा हूं और क्रिकेट छोड़ना चाहता हूं।’ मैं शमी को तुरंत रवि शास्त्री के पास ले गया। शास्त्री ने शमी से पूछा और भारतीय तेज गेंदबाज ने वही जवाब दिया कि, ‘मुझे क्रिकेट नहीं खेलना है।’ हम दोनों ने पूछा कि, ‘अगर आप क्रिकेट नहीं खेलेंगे तो क्या करेंगे? इसके अलावा आपको क्या आता है? जब भी आपको गेंद दी जाती है तब आप गेंदबाजी करते हैं।’
रवि शास्त्री ने शमी से कहा कि अच्छी बात है आप गुस्से में है: भारत अरुण
भारत अरुण ने आगे कहा कि, ‘ रवि ने कहा अच्छी बात है कि आप गुस्से में हैं। जो आपके साथ सबसे अच्छी बात है वो यह है कि आपके हाथ में गेंद हैं। आपकी फिटनेस खराब है। जो भी गुस्सा आपके अंदर है उसे अपने शरीर से बाहर निकालें। हम आपको नेशनल क्रिकेट अकादमी भेज रहे हैं और आप वहां जाएं और 4 हफ्तों के लिए रुके। आप घर नहीं जाएंगे और सिर्फ NCA जाएंगे। मुझे आज भी याद है जब शमी ने मुझे कॉल किया और कहा कि अब मैं पहले से काफी बेहतर हो गया हूं। जो 5 हफ्ते मैंने वहां बिताए हैं उससे मेरी फिटनेस काफी अच्छी हो गई है।’
NCA में 5 हफ्ते बिताने के बाद शमी ने अपनी फिटनेस फिर से बेहतर की और भारत के इंग्लैंड सीरीज में वापसी की। भले ही भारत उस सीरीज को 4-1 से हार गया हो लेकिन शमी ने इस सीरीज में 16 विकेट चटकाए। इशांत शर्मा के बाद वो दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज थे।