मां ने गहने बेचकर खरीदी क्रिकेट किट, अब भारत की उम्मीद बनीं क्रांति गौड़
भारतीय तेज गेंदबाज ने परिवार के संघर्षों को याद किया, विश्व कप में अच्छा प्रदर्शन करने का जताया संकल्प
अद्यतन - जून 23, 2026 8:48 अपराह्न

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ की कहानी मेहनत, संघर्ष और परिवार के त्याग की मिसाल है। मध्य प्रदेश के छोटे से गांव घुवारा से आने वाली क्रांति ने कई मुश्किलों का सामना करते हुए भारतीय टीम तक का सफर तय किया। आज वह महिला टी20 विश्व कप में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं और देश के लिए अच्छा प्रदर्शन करने का सपना देख रही हैं।
क्रांति ने बताया कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी। क्रिकेट खेलने के लिए जरूरी सामान जुटाना भी आसान नहीं था। ऐसे समय में उनकी मां ने अपने गहने बेचकर उनके लिए क्रिकेट किट खरीदी थी।
क्रांति के अनुसार, जब उन्होंने देखा कि उनके माता-पिता उनके सपने के लिए इतना बड़ा त्याग कर रहे हैं, तो उन्हें और ज्यादा मेहनत करने की प्रेरणा मिली। वह हमेशा चाहती थीं कि एक दिन अपने प्रदर्शन से परिवार का नाम रोशन करें और उनके त्याग का सम्मान करें।
माता-पिता ने हर कदम पर किया समर्थन
क्रांति का कहना है कि जब परिवार आपके साथ खड़ा होता है तो बाहरी लोगों की बातें मायने नहीं रखतीं। उस समय कई लड़कियों को खेलों में जाने की अनुमति नहीं मिलती थी, लेकिन उनके माता-पिता ने कभी उन्हें रोका नहीं। उन्होंने हमेशा उनकी प्रतिभा पर भरोसा किया और आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। यही समर्थन उनके करियर की सबसे बड़ी ताकत बना।
क्रांति की सफलता के बाद उनके गांव में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अब वहां एक क्रिकेट अकादमी शुरू हो चुकी है, जहां कई लड़कियां क्रिकेट सीख रही हैं। उन्होंने बताया कि अब माता-पिता अपनी बेटियों को खेलों में करियर बनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। यह बदलाव उन्हें बेहद खुशी देता है और वह समय-समय पर युवा खिलाड़ियों से मिलकर उनका उत्साह बढ़ाती हैं।
क्रांति फिलहाल महिला टी20 विश्व कप में भारतीय टीम का हिस्सा हैं। हालांकि, शुरुआती मैचों में उन्हें विकेट नहीं मिला, लेकिन उनका आत्मविश्वास बरकरार है। उनका कहना है कि वह हर मैच में अपना 100 प्रतिशत देने की कोशिश करती हैं। अब उनकी नजर बांग्लादेश के खिलाफ होने वाले अहम मुकाबले पर है, जहां वह टीम की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना चाहेंगी।