AUS vs IND 2025: ‘रोहित ने कभी नंबर 1 बनने की चाह नहीं रखी’ पूर्व भारतीय बल्लेबाज का बड़ा बयान
हाल में ही रोहित शर्मा 38 साल की उम्र में आईसीसी वनडे क्रिकटे के नंबर 1 बल्लेबाज बने हैं
अद्यतन - Nov 1, 2025 8:54 pm

हाल ही में पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने भारत के ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर आयोजित तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला में शानदार प्रदर्शन किया और खूब रन बनाए। 38 वर्षीय रोहित, श्रृंखला के पहले मुकाबले में जल्दी आउट हो गए थे, परंतु उसके बाद उन्होंने दूसरे मैच में अर्धशतक। वहीं तीसरे मुकाबले में नाबाद 121 रन बनाए।
श्रृंखला में 101 के औसत से कुल 202 रन बनाने के बाद दिग्गज सलामी बल्लेबाज को इस सीरीज़ का ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज़’ घोषित किया गया। इसके बाद जारी आईसीसी वनडे रैंकिंग में वह नंबर 1 बल्लेबाज भी बन गए। इस सीरीज में रोहित, भारतीय टीम में एक लम्बे समय के बाद वापसी कर रहे थे, परंतु उन्होंने जल्द ही अपनी लय पकड़ी और टीम के लिए आवश्यक रन बनाए। उनके इस जुनून से यह बात सिद्ध होती है कि वे मानसिक तौर पर 2027 विश्व कप खेलने का सपना देख रहे हैं।
पहले दो मुकाबले हारने के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम ने इस श्रृंखला में अजेय बढ़त ले ली और इस सीरीज़ को 2-1 से अपने नाम किया। रोहित शर्मा उन चुनिंदा खिलाड़ियों में से हैं जिन्होंने भारत की ओर से अच्छा प्रदर्शन किया। अपनी शानदार बल्लेबाजी के दम पर वे आईसीसी एकदिवसीय रैंकिंग्स में बल्लेबाजों की सूची में शिखर पर पहुँच गए।
मोहम्मद कैफ ने दिया बड़ा बयान
पूर्व भारतीय बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से रोहित के आईसीसी वनडे रैंकिंग्स में नंबर 1 बल्लेबाज बनने पर चर्चा की। कैफ ने कहा- बतौर कप्तान रोहित ने कभी भी नंबर 1 बल्लेबाज बनने की चाह नहीं रखी, उनका हमेशा एक ही लक्ष्य रहा है और वो है भारतीय टीम का विजयी होना तथा टीम की ज़रूरतों को प्राथमिकता देना।
44 वर्षीय कैफ ने अपने बयान में इस बात का ज़िक्र किया कि रोहित शर्मा की यह मान्यता थी कि बतौर बल्लेबाज आपकी पारी मैच जिताऊ तथा टीम की ज़रूरतों को पूरा करने वाली होनी चाहिए। जब रोहित भारत के वनडे के कप्तान बने, तब टीम रैंकिंग्स में चौथे नंबर पर थी। जब तक उन्होंने यह पद छोड़ा, भारत दुनिया की नंबर 1 टीम बन चुकी थी और टी20आई क्रिकेट की बात की जाए, तो उसमें भी कुछ ऐसा ही हुआ।
क्रिकेट एक्सपर्ट और कमेंटेटर मोहम्मद कैफ ने अंत में कहा कि रोहित को आज भी अगर नंबर 1 बल्लेबाज बनने की शुभकामनाएं दी जाएँ तो वे उस पर ज़्यादा कुछ नहीं कहेंगे। उनका मकसद हमेशा से टीम की बेहतरी रहा है, और उन्होंने अपना पूरा करियर भारतीय क्रिकेट को खूबसूरती से समर्पित किया है।