'श्रेयस अय्यर के 'रेड बॉल ब्रेक' से उनके सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट पर पड़ सकता है असर' पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने की बड़ी भविष्यवाणी

‘श्रेयस अय्यर के ‘रेड बॉल ब्रेक’ से उनके सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट पर पड़ सकता है असर’ पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने की बड़ी भविष्यवाणी

पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज आकाश चोपड़ा का कहना है कि श्रेयस अय्यर का टेस्ट क्रिकेट से ब्रेक लेना, उनके सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट पर प्रभाव डाल सकता है।

Shreyas Iyer (Image Credit- Twitter/X)
Shreyas Iyer (Image Credit- Twitter/X)

पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा का कहना है कि श्रेयस अय्यर का टेस्ट क्रिकेट से ब्रेक लेना, उनके भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट पर प्रभाव डाल सकता है। आकाश का कहना है कि टेस्ट क्रिकेट में वापसी के बाद भी श्रेयस को भारतीय दल का हिस्सा बनने के लिए काफी मुश्किल होगी।

भारतीय बल्लेबाज श्रेयस अय्यर को वेस्टइंडीज के विरुद्ध खेली जाने वाली दो मैचों की टेस्ट श्रृंखला का सदस्य बनाने की बात चल रही थी, तभी उन्होंने श्रेयस को ऑस्ट्रेलिया ‘ए’ के विरुद्ध दो मैचों की अनौपचारिक टेस्ट श्रृंखला में कप्तान बनाने का फैसला किया था। लेकिन श्रेयस के टेस्ट क्रिकेट से ब्रेक लेने के निर्णय के कारण ऐसा न हो सका।

आइए सुनते हैं आकाश चोपड़ा ने अपनी यूट्यूब वीडियो में क्या कहा

आकाश चोपड़ा ने इस परिस्थिति का आकलन करते हुए अपनी यूट्यूब वीडियो में कहा कि श्रेयस अय्यर 2023 में अपनी बैक का ऑपरेशन कराने के बावजूद उतने स्वस्थ और फुर्तीले नहीं हैं जितना वे पहले थे। इसी कारण उन्होंने रेड बॉल क्रिकेट से छह महीने का ब्रेक लिया। परंतु चोपड़ा ने कहा कि इस निर्णय के कारण श्रेयस के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट पर असर पड़ेगा।

ऐसा इसलिए क्योंकि श्रेयस फिलहाल सिर्फ एक दिवसीय क्रिकेट खेल रहे हैं, उनका नाम टी-20 क्रिकेट से भी दूर है और इसी के कारण भारतीय क्रिकेट बोर्ड उन्हें सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में एक दर्जा नीचे करने का निर्णय ले सकता है।

चोपड़ा के अनुसार, श्रेयस के लिए यह एक मुश्किल फैसला रहा होगा। अय्यर को टीम से बाहर कर दिया गया था और उन्होंने अपना सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट भी खो दिया था। लेकिन, उन्होंने वापसी की और रणजी, सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी और आईपीएल फाइनल में खेला। जब श्रेयस अय्यर को मल्टी-डे फॉर्मेट में इंडिया ‘ए’ का कप्तान बनाया गया, तो यह साफ हो गया था कि उनकी नजरें टेस्ट क्रिकेट पर थीं।

अंत में पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने बताया कि यदि अय्यर वेस्टइंडीज, दक्षिण अफ्रीका और श्रीलंका के विरुद्ध खेलते तो भारत के लिए काफी कारगर साबित होते और उसी दौरान वे अपना स्थान भी पक्का कर सकते थे। अगर उनका शरीर उनका साथ नहीं दे रहा तो कोई कुछ नहीं कर सकता।

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