‘मैंने दो बार शोएब अख्तर से तेज गेंद फेंकी’, पूर्व पाक क्रिकेटर मोहम्मद समी का बड़ा दावा
इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे तेज गेंद फेंकने का रिकॉर्ड शोएब अख्तर के नाम है।
अद्यतन - May 1, 2022 6:13 pm

जब पाकिस्तान के पूर्व गेंदबाज मोहम्मद समी ने पहली बार क्रिकेट खेलना शुरू किया, तब सभी को यह लगा था कि वो आगे जाकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खूब नाम कमाएंगे। वह पाकिस्तान के सबसे तेज गेंदबाजों में भी थे और अब उन्होंने अब यह आरोप लगाया है कि उन्होंने 160 किमी प्रति घंटे से अधिक की दो गेंदें फेंकी, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण डिलीवरी रिकॉर्ड नहीं की गई।
समी और शोएब अख्तर जब एक साथ गेंदबाजी करते थे तब सामने वाली टीम के बल्लेबाजों के मन में काफी खौफ रहता था, और यह तेज गेंदबाजी जोड़ी विपक्षी बल्लेबाजों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं थी। अपनी सबसे तेज गेंदों के बारे में बात करते हुए, समी ने दावा किया है कि उन्होंने दो बार 160 किलोमीटर प्रति घंटे का आंकड़ा पार किया लेकिन उन्हें बताया गया कि स्पीड गन काम नहीं कर रही थी।
‘मैंने 2 बार शोएब अख्तर से तेज फेंकी’- मोहम्मद समी
समी ने ने Paktv.tv से बातचीत करते हुए कहा कि, “एक मैच था जहां मैंने 162 किलोमीटर प्रति घंटे और 164 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दो गेंदें फेंकी थीं। लेकिन मुझे बताया गया कि बॉलिंग मशीन काम नहीं कर रही है, इसलिए उनकी गिनती नहीं की गई। अगर गेंदबाजी इतिहास को देखें, तो 160 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार से गेंद करने वाले गेंदबाजों ने इसे केवल एक या दो बार ही किया है। ऐसा नहीं है कि वे इसे लगातार करते रहे।”
कहा जाता है कि शोएब अख्तर ने 161.3 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे तेज गेंद फेंकी थी, जब वह वर्ष 2002 में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेल रहे थे। ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज ब्रेट ली और शॉन टैट ने 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी की है जो पंजीकृत नहीं है। लेकिन समी ने दावा किया है कि उन्होंने 160 से अधिक की रफ़्तार से एक गेंद फेंकी थी जिस पर विचार नहीं किया गया।
समी ने 36 टेस्ट, 87 एकदिवसीय और 13 T20I में अपने देश का प्रतिनिधित्व किया है। 2003 में शारजाह में जिम्बाब्वे के खिलाफ एकदिवसीय मैच के दौरान समी ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में सबसे तेज डिलीवरी 156.4 किलोमीटर प्रति घंटे से की थी। 2000-2001 में ऑकलैंड में न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने पहले टेस्ट में उन्होंने 8 विकेट चटकाए। अपने पहले टेस्ट के दो साल बाद, उन्होंने एशियाई टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ हैट्रिक भी हासिल की।