‘खिलाड़ियों को चयनकर्ताओं से नहीं डरना चाहिए’ पूर्व भारतीय कप्तान का बड़ा बयान
"हमें ऐसे चयनकर्ताओं को नियुक्त करना चाहिए जिन्होंने हाल ही में प्रथम श्रेणी के क्रिकेट से संन्यास लिया हो" पूर्व कप्तान
अद्यतन - अक्टूबर 15, 2025 4:28 अपराह्न

भारतीय क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे ने भारतीय टीम के लिए 86 टेस्ट मैचों में 38.46 की औसत से 5077 रन बनाए, जिसमें 12 शतक भी शामिल हैं। पूर्व टेस्ट कप्तान अजिंक्य रहाणे ने चयनकर्ताओं और खिलाड़ियों से संबंधित बातचीत में कहा कि खिलाड़ियों को चयनकर्ताओं से नहीं डरना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि चयनकर्ता, ख़ास तौर पर घरेलू क्रिकेट में, ऐसे खिलाड़ी होने चाहिए जिन्होंने सात से आठ साल पहले ही शीर्ष स्तर का क्रिकेट खेलना छोड़ा हो।
मुंबई का घरेलू क्रिकेट में नेतृत्व कर चुके रहाणे का मानना है कि यह खेल तीव्र गति से बदल रहा है और चयनकर्ताओं को हर बदलाव से संबंधित ज़रूरी जानकारी होनी आवश्यक है। सभी खिलाड़ियों का चयन वर्तमान आवश्यकताओं के अनुसार करना उचित है।
टी-20 तथा आईपीएल जैसे फॉर्मेट्स के आने से खिलाड़ियों के गेम के प्रति उनके रवैये में और खेलने के तरीके में बहुत बदलाव आए हैं, और चयनकर्ताओं को इन सभी चीजों का आँकलन करना आवश्यक है।
रहाणे का मानना है कि सभी खिलाड़ियों को निडर और बेफिक्र होकर खेलने की छूट मिलनी चाहिए, ताकि वे अपने बेबाक अंदाज में क्रिकेट खेल पाएँ। रहाणे ने यह सब चेतेश्वर पुजारा के यूट्यूब चैनल के हवाले से कहा।
पुजारा ने इस मुद्दे पर साझा किया अपना पक्ष
पूर्व भारतीय क्रिकेट चेतेश्वर पुजारा ने हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से विदाई ली। उन्होंने भारतीय टीम के लिए 103 टेस्ट मैचों में 43.6 की औसत से 7195 रन बनाए, जिसमें 19 शतक भी शामिल हैं। रहाणे के साथ चयनकर्ताओं और खिलाड़ियों से संबंधित बातचीत करते हुए पुजारा ने साझा किया अपना मत।
पुजारा ने कहा कि “बड़े राज्यों में, इसे लागू किया जा सकता है क्योंकि उनके पास बहुत सारे विकल्प होते हैं। इसलिए, जहाँ भी संभव हो, मैं सहमत हूँ कि इसे लागू किया जा सकता है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि किसी भी पूर्व क्रिकेटर को, जिसका रिकॉर्ड शानदार रहा हो और अब वह चयनकर्ता बनना चाहता हो, उसे केवल इसलिए मौका नहीं मिलना चाहिए, क्योंकि वह बहुत पहले रिटायर हुआ था।”