पृथ्वी शाॅ के बचपन के कोच ने किया बड़ा खुलासा, कहा- वह अपने फिल्मी फ्रेंड सर्कल की वजह से…
महज 19 साल की उम्र में भारत के लिए टेस्ट डेब्यू करने वाले शाॅ पिछले तीन वर्षों से टीम से बाहर चल रहे हैं।
अद्यतन - Dec 3, 2024 10:02 pm

एक समय पर भारतीय क्रिकेट टीम की बड़ी चीज कहे जाने वाले पृथ्वी शाॅ (Prithvi Shaw) अपने क्रिकेट करियर की मजबूत शुरुआत के बाद भी टीम में अपनी जगह पक्की नहीं कर पाए। 2018 अंडर-19 वर्ल्ड कप विजेता कप्तान ने भारतीय टीम के लिए महज 19 साल की उम्र में टेस्ट डेब्यू किया था और डेब्यू मैच में ही खिलाड़ी ने शतक लगाया था।
हालांकि, इस तरह के प्रदर्शन के बाद भी वह अपने करियर को सही से नहीं संभाल पाए। करीब तीन साल से वह भारतीय क्रिकेट टीम में से बाहर चल रहे हैं। वहीं आईपीएल 2025 के लिए मेगा ऑक्शन में भी किसी फ्रेंचाइजी ने उनमें दिलचस्पी नहीं दिखाई। अब खिलाड़ी के गिरते क्रिकेट ग्राफ को लेकर उनके बचपन के कोच Santosh Pingulkar ने बड़ा बयान दिया है।
Santosh Pingulkar ने दिया बड़ा बयान
बता दें कि हाल में ही My Khel के साथ एक इंटरव्यू में संतोष पिंगुलकर ने पृथ्वी शाॅ को लेकर कहा- वह शुरू से ही अलग थे, न तो उनके पिता और न ही उनकी मां ने क्रिकेट खेला, लेकिन पृथ्वी के पास गाॅड गिफ्ट था। उनके खेलने का तरीका, फिर चाहे वह बचाव करना हो या शॉट मारना, यह अद्वितीय था। उनका स्वभाव मिलनसार था और वे दूसरों से अलग दिखते थे।
पिंगुलकर ने आगे कहा- वह 14 साल तक मेरे साथ रहे और MCA में जाने के बाद भी, जब भी समय मिलता वह सप्ताह में एक या दो बार प्रैक्टिस के लिए आते थे। जब वह मात्र चार साल के थे, जब उनकी मां का निधन हो गया।
उनके पिता हर चीज का ख्याल रखते थे, उन्हें खाना खिलाना, उन्हें प्रैक्टिस पर ले जाना और यहां तक कि विरार से मुंबई तक ट्रेन यात्रा के दौरान उनका किट बैग ले जाना भी। उन्होंने पृथ्वी की सफलता सुनिश्चित करने के लिए बहुत त्याग किया है।
लेकिन फेम ने उसकी गिरावट में एक बड़ी भूमिका निभाई है। उसका फ्रेंड सर्कल बदल गया है। वह क्रिकेट की दुनिया की बजाए फिल्मी दुनिया में शामिल हो गया है। उसके फ्रेंड सर्कल में कोई भी क्रिकेटिंग बैकग्राउंड से नहीं है, जो उन्हें क्रिकेट पर फोकस करने के लिए कह सके।
हालांकि, खेल के लिए उनका प्यार कम नहीं हुआ, लेकिन उनका समय और फोकस थोड़ा बंट गया। जब उन्हें इस साल आईपीएल के लिए नहीं चुना गया तो मुझे कोई आश्चर्य नहीं हुआ। उन्होंने अपना बेस प्राइस भी घटाकर 75 लाख कर दिया, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण था कि उन्हें किसी भी टीम ने नहीं खरीदा।