काबुल हमले में 400 अफगानियों की मौत के बाद राशिद खान और मोहम्मद नबी ने पाकिस्तान पर लगाया ‘वाॅर क्राइम’ का आरोप
हालांकि, पाकिस्तान इस एयरस्ट्राइक से इन्कार कर रहा है
अद्यतन - Mar 17, 2026 1:09 pm

अफगानिस्तान के दिग्गज क्रिकेटर राशिद खान और मोहम्मद नबी ने काबुल में एयरस्ट्राइक में मारे गए लोगों को लेकर पाकिस्तानी की घोर निंदा की और इसे वाॅर क्राइम बताया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कल 16 मार्च को देर रात काबुल में पाकिस्तानी मिलिट्री ने एयरस्ट्राइक की, जिसमें काबुल स्थित अस्पताल, शिक्षा संस्थान और रिहाइशी इलाकों को निशाना बनाया गया। इस स्ट्राइक में अफगानिस्तान के गृह मंत्रालय के अनुसार 400 से ज्यादा लोग जान गंवा चुके हैं और 250 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
दूसरी ओर, राशिद काबुल में आम नागरिकों की मौत की खबरों से बेहद दुखी हैं और उनके अनुसार जानबूझकर या अनजाने में भी आम नागरिकों के घरों, शिक्षण संस्थानों या चिकित्सा सुविधाओं को निशाना बनाना वाॅर क्राइम है। उनका मानना है कि हालिया हवाई हमले केवल विभाजन और नफरत को ही बढ़ावा देंगे।
राशिद खान और मोहम्मद नबी की प्रतिक्रिया
काबुल एयरस्ट्राइक के बाद, आज 17 मार्च को राशिद खान ने अपने एक्स अकाउंट से एक पोस्ट शेयर की, जिसमें उन्होंने कहा- काबुल में पाकिस्तानी हवाई हमलों के परिणामस्वरूप नागरिकों की हुई मौतों की ताजा खबरों से मैं बेहद दुखी हूँ। जानबूझकर या अनजाने में नागरिकों के घरों, शिक्षण संस्थानों या चिकित्सा सुविधाओं को निशाना बनाना वाॅर क्राइम है।
विशेष रूप से रमजान के पवित्र महीने के दौरान मानव जीवन के प्रति घोर उपेक्षा घृणित और बेहद चिंताजनक है। इससे केवल विभाजन और घृणा ही बढ़ेगी। मैं संयुक्त राष्ट्र और अन्य मानवाधिकार एजेंसियों से इस नवीनतम अत्याचार की गहन जांच करने और दोषियों को जवाबदेह ठहराने का आह्वान करता हूँ।
I am deeply saddened by the latest reports of civilian casualties as a result of Pakistani airstrikes in Kabul. Targeting civilian homes, educational facilities or medical infrastructure, either intentional or by mistake, is a war crime. The sheer disregard for human lives,… pic.twitter.com/DbFRRh2qAJ
— Rashid Khan (@rashidkhan_19) March 16, 2026
इसके अलावा मोहम्मद नबी ने एक वीडियो पोस्ट करते हुए एक्स पर कहा- आज रात काबुल में एक अस्पताल में उम्मीद की किरण मिट गई। इलाज के लिए आए युवकों को पाकिस्तानी सैन्य शासन द्वारा किए गए बम विस्फोट में मार दिया गया। माताएं अस्पताल के द्वार पर अपने बेटों के नाम पुकारती रहीं। रमजान की 28वीं रात को उनकी जान चली गई।
Tonight in Kabul, hope was extinguished at a hospital. Young men seeking treatment were murdered in a bombing by the Pakistani military regime. Mothers waited at the gates, calling their sons’ names. On the 28th night of Ramadan, their lives were cut short. pic.twitter.com/p12617D4de
— Mohammad Nabi (@MohammadNabi007) March 16, 2026