अनिल कुंबले एकबार फिर से बन सकते हैं भारतीय टीम के मुख्य कोच - क्रिकट्रैकर हिंदी

अनिल कुंबले एकबार फिर से बन सकते हैं भारतीय टीम के मुख्य कोच

साल 2017 में हुई चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल मैच में पाकिस्तान के हाथों मिली भारतीय टीम को हार के बाद अनिल कुंबले ने मुख्य कोच पद से इस्तीफा दे दिया था।

Indian cricket team head coach Anil Kumble. (Photo by JEWEL SAMAD/AFP/Getty Images)
Anil Kumble. (Photo by JEWEL SAMAD/AFP/Getty Images)

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने टीम के अगले मुख्य कोच के लिए पूर्व भारतीय कप्तान और खिलाड़ी अनिल कुंबले से संपर्क किया है। खबरों के अनुसार, विराट कोहली के टी-20 वर्ल्ड कप के बाद इस फॉर्मेट में कप्तानी छोड़ने के फैसले के बाद टीम के अगले नए मुख्य कोच के तौर पर बड़ा फैसला भी लिया जा सकता है।

अनिल कुंबले इससे पहले साल 2016 में उस समय भारतीय टीम के मुख्य कोच नियुक्त किए गए थे, जब वर्तमान मुख्य कोच रवि शास्त्री का निदेशक के तौर पर टी-20 वर्ल्ड कप के बाद कार्यकाल खत्म हुआ था। हालांकि, साल 2017 में हुई चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल मैच में पाकिस्तान के हाथों मिली हार के बाद ऐसी खबरें सामने आई थी कि कप्तान कोहली और कुंबले के बीच कुछ विवाद था, जिसके चलते उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। दरअसल, ऐसी बातें सामने आ रही थीं कि कोहली को कुंबले के कोचिंग करने का तरीका पसंद नहीं आ रहा था।

इसके बाद भारतीय टीम के अगले मुख्य कोच के तौर पर रवि शास्त्री को नियुक्त कर दिया गया, वहीं साल 2019 में जब एकबार फिर से कोच के लिए आवेदन मांगे गए तो उसमें रवि शास्त्री ने माइक हेसन, अंशुमन गायकवाड़ और टॉम मूडी जैसे दिग्गज खिलाड़ियों को पीछे छोड़ते हुए टीम के फिर से मुख्य कोच के तौर पर नियुक्त किए गए थे।

BCCI ने महेला जयवर्धने से भी किया संपर्क

वहीं, ऐसी भी खबरें भी सामने आ रही हैं कि कुंबले से संपर्क करने से पहले BCCI ने श्रीलंका के पूर्व कप्तान और मुंबई इंडियंस के मौजूदा कोच महेला जयवर्धने से भी संपर्क किया था। लेकिन इस पूर्व दिग्गज खिलाड़ी ने अपनी रुचि मुंबई इंडियंस और श्रीलंकाई टीम को कोचिंग देने में दिखाई।

दरअसल, यूएई और ओमान में 17 अक्टूबर से खेले जाने वाले टी-20 वर्ल्ड कप के बाद मौजूदा मुख्य कोच रवि शास्त्री का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, जिसके चलते नए कोच की तलाश अभी से शुरू कर दी गई है। रवि शास्त्री के अब तक के कार्यकाल में भारतीय टीम ने घर पर ही नहीं बल्कि विदेशी जमीन पर भी शानदार प्रदर्शन किया लेकिन टीम एक भी आईसीसी ट्रॉफी इस दौरान अपने नाम नहीं कर सकी।