न्यूजीलैंड और इंग्लैंड बोर्ड पर भड़के शाहिद अफरीदी कहा समझदार मुल्कों को भारत का अनुसरण नहीं करना चाहिए - क्रिकट्रैकर हिंदी

न्यूजीलैंड और इंग्लैंड बोर्ड पर भड़के शाहिद अफरीदी कहा समझदार मुल्कों को भारत का अनुसरण नहीं करना चाहिए

हाल ही में न्यूजीलैंड और इंग्लैंड बोर्ड ने रद्द किया था पाकिस्तान दौरा।

India vs Pakistan T20I World Cup 2021

पिछले कुछ दिन पाकिस्तान क्रिकेट के किए बिल्कुल अच्छे नहीं रहे हैं। पहले न्यूजीलैंड और फिर इंग्लैंड की टीम ने पाकिस्तान का दौरा कर उन्हें दोहरा झटका देने का काम किया। न्यूजीलैंड ने जहां सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इस दौरे को छोड़ दिया वहीं इंग्लैंड ने अपने इस फैसले के पीछे खिलाड़ियों की मानसिक स्वास्थ्य का हवाला दिया।

इंग्लैंड और न्यूजीलैंड बोर्ड पर जमकर बरसे अफरीदी

ईसीबी और न्यूजीलैंड बोर्ड का ये फैसला पाकिस्तान को बिल्कुल रास नहीं आया जिसके बाद देश के पूर्व खिलाड़ी इन दोनों देशों के खिलाफ लगातार आग उगल रहे हैं। इसी क्रम में पूर्व खिलाड़ी शाहिद अफरीदी ने दौरे के सीरीज रद्द को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि घरेलू सीरीज से पहले पाकिस्तान सुरक्षा जांच करता है। ऐसे में न्यूजीलैंड बोर्ड का ये दौरा रद्द करना माफी के लायक नहीं है।

क्रिकेट पाकिस्तान के साथ बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि “हम सभी जानते हैं कि जब किसी भी टीम के दौरे की बात आती है तो कई मोर्चों पर जांच होती है। यात्रा करने वाले राष्ट्र के सुरक्षा सदस्यों द्वारा उचित जांच की जाती है। टीम का आने-जाने का रास्ता पहले से तय होता है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही मेहमान देश को टूर के लिए हरी झंडी दिखाई जाती है।”

फवाद चौधरी के दावे पर क्या बोले शाहीद अफरीदी

हाल ही में इस मुद्दे को लेकर पाकिस्तान के सूचना एवं प्रसारण मंत्री फवाद चौधरी में दावा किया था कि न्यूजीलैंड की टीम को भारत से धमकी भरा ई-मेल आया था। पाकिस्तान के मंत्री के इस दावे पर पूर्व ऑलराउंडर ने कहा कि “‘शिक्षित राष्ट्रों’ को भारत के नक्शेकदम पर नहीं चलना चाहिए और अपनी समझ के अनुसार फैसला लेना चाहिए। अगर आपको बड़ी तस्वीर देखनी है तो मुझे लगता है कि हमें एक ऐसा निर्णय लेने की जरूरत है, जो दुनिया को दिखाए कि हम भी एक देश हैं और हमारा अपना गौरव है।

अफरीदी ने आगे कहा कि “एक देश हमारे पीछे है तो ठीक है, लेकिन मुझे नहीं लगता कि दूसरे देशों को भी वही गलती करनी चाहिए। यह सभी शिक्षित राष्ट्र हैं और उन्हें भारत का अनुसरण नहीं करना चाहिए। इसके बजाय, क्रिकेट को संबंधों में सुधार करना चाहिए।”