अगर शाकिब अल हसन वापसी करते हैं, तो उन्हें वर्ल्ड कप 2027 टारगेट करना चाहिए: मोहम्मद अशरफुल
बीसीबी की वापसी योजना तेज़, पाकिस्तान सीरीज से पहले मैदान पर लौट सकते हैं शाकिब
अद्यतन - जनवरी 30, 2026 10:07 अपराह्न

बांग्लादेश के पूर्व बल्लेबाज और मौजूदा बल्लेबाजी कोच मोहम्मद अशरफुल का मानना है कि अगर शाकिब अल हसन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करते हैं, तो उन्हें 2027 वनडे वर्ल्ड कप को अपना बड़ा लक्ष्य बनाना चाहिए।
शाकिब की वापसी को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है, खासकर तब जब बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने संकेत दिए हैं कि वह अनुभवी ऑलराउंडर को फिर से टीम में लाने की संभावनाओं पर काम कर रहा है।
अशरफुल ने कहा कि बोर्ड लगातार शाकिब के संपर्क में है और खिलाड़ी खुद भी खेलने के लिए इच्छुक हैं। अगर सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो शाकिब की वापसी पाकिस्तान के खिलाफ घरेलू सीरीज से पहले हो सकती है। बांग्लादेश को पाकिस्तान के खिलाफ 12, 14 और 16 मार्च को तीन वनडे मैच खेलने हैं, जबकि टेस्ट सीरीज मई में प्रस्तावित है।
वनडे पर फोकस कर 2027 वर्ल्ड कप तक लौट सकते हैं शाकिब
BCB निदेशक आसिफ अकबर ने साफ किया कि शाकिब को वापस लाने की कोशिश केवल भावनात्मक नहीं है, बल्कि एक ठोस योजना के तहत की जा रही है। उन्होंने बताया कि बोर्ड के लगभग सभी सदस्य शाकिब की वापसी के पक्ष में हैं। हालांकि, शाकिब की सुरक्षा और उनके खिलाफ दर्ज कुछ मामलों को लेकर सरकार से बातचीत चल रही है, क्योंकि ये मुद्दे बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में नहीं आते।
शाकिब ने पिछले साल सितंबर 2024 में टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की थी और टेस्ट क्रिकेट से भी घरेलू सीरीज के बाद रिटायर होने की इच्छा जताई थी। लेकिन सुरक्षा मंजूरी न मिलने के कारण वह बांग्लादेश नहीं लौट सके और लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर रहे। मौजूदा समय में वह दुनिया भर की फ्रेंचाइजी लीग्स में सक्रिय हैं।
अशरफुल का मानना है कि आज के क्रिकेट में एक ही फॉर्मेट पर ध्यान देना पूरी तरह संभव है। उन्होंने कहा कि अगर शाकिब सिर्फ वनडे क्रिकेट खेलते हैं और 2027 वर्ल्ड कप तक खुद को तैयार रखते हैं, तो यह टीम और खिलाड़ी दोनों के लिए फायदेमंद होगा। आधुनिक क्रिकेट में वर्कलोड मैनेजमेंट बेहतर है और 40 की उम्र तक खेलना अब असामान्य नहीं रहा।
फिलहाल शाकिब ने सार्वजनिक रूप से अपने भविष्य को लेकर ज्यादा कुछ कहने से बचते हुए यही कहा है कि उनका भविष्य कई चीज़ों पर निर्भर करता है। लेकिन इतना तय है कि उनकी संभावित वापसी बांग्लादेश क्रिकेट के लिए एक बड़ा मोड़ साबित हो सकती है।