शोएब अख्तर ने खोला सबसे बड़ा राज, इस कारण कभी नहीं की पाकिस्तान की कप्तानी
शोएब अख्तर ने पाकिस्तान के लिए 46 टेस्ट, 163 वनडे और 15 टी-20 मुकाबले खेले।
अद्यतन - फरवरी 23, 2023 2:03 अपराह्न

पूर्व पाकिस्तानी खिलाड़ी शोएब अख्तर की गिनती दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में होती है। शोएब अख्तर ने 46 टेस्ट, 163 वनडे और 15 टी-20 मुकाबलों में पाकिस्तान के लिए शानदार प्रदर्शन किया है। उनके नाम क्रिकेट के इतिहास की सबसे तेज गेंद फेंकने का रिकॉर्ड है, जिसकी रफ़्तार 161.3 किमी प्रति घंटे की थी।
अब तक अख्तर के इस रिकॉर्ड को तोड़ना गेंदबाजों के लिए चुनौती बनी हुई है। शोएब अख्तर के शानदार करियर को देख कई युवा खिलाड़ियों ने क्रिकेट को अपना करियर के रूप में चुना है। बतौर क्रिकेटर शोएब अख्तर का रिकॉर्ड शानदार रहा है, लेकिन उन्होंने कभी भी पाकिस्तान की कप्तानी नहीं की। शोएब अख्तर ने इसी बात से पर्दा उठाते हुए कहा कि उन्होंने क्यों कभी भी पाकिस्तान की कप्तानी नहीं की।
मैं कप्तान बनने के लिए फिट नहीं था- शोएब अख्तर
शोएब अख्तर अपने पूरे करियर के दौरान एक भी बार पाकिस्तान की कप्तानी करते हुए नजर नहीं आए। हालांकि उन्होंने कई दफा टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। शोएब अख्तर की माने तो उन्होंने कभी भी पाकिस्तानी टीम की कप्तान बनने की इच्छा नहीं रखी। अख्तर को 2002 में कप्तान का पदभार संभालने के लिए अप्रोच किया गया था लेकिन उन्होंने उसे ठुकरा दिया था।
पाकिस्तान क्रिकेट के साथ बातचीत के दौरान शोएब अख्तर ने खुलासा करते हुए कहा, ‘मैं पर्याप्त रूप से फिट नहीं था। मैं पांच में से तीन मैच खेल सकता था। मुझे 2002 में कप्तानी की पेशकश की गई थी। लेकिन तब मैं केवल डेढ से 2 साल खेल पाता।’
खिलाड़ियों ने मेरा साथ दिया था- शोएब अख्तर
शोएब अख्तर के अनुसार कप्तान बनने के लिए उन्हें टीम के खिलाड़ियों का साथ भी मिल रहा था। लेकिन पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की हालत उस वक्त स्थिर नहीं थी। बोर्ड खिलाड़ियों को भी नहीं संभाल पा रही थी। शोएब अख्तर ने आगे बात करते हुए कहा, ‘मुझे मेरे साथियों का समर्थन प्राप्त था, लेकिन बोर्ड की हालात ठीक नहीं थी। बोर्ड को ठीक से मैनेज करने वाला को नहीं था।’