क्रिकेट के 6 सबसे विवादित नियमों पर डालिए एक नजर - क्रिकट्रैकर हिंदी

क्रिकेट के 6 सबसे विवादित नियमों पर डालिए एक नजर

इन नियमों को देखकर कई बार फैंस और क्रिकेट एक्सपर्ट हो चुके हैं हैरान।

Muttiah Muralitharan of Sri Lanka. (Photo by Shaun Botterill/Getty Images)
Muttiah Muralitharan of Sri Lanka. (Photo by Shaun Botterill/Getty Images)

अक्सर ऐसा माना जाता है कि क्रिकेट उन लोगों को समझाना बेहद मुश्किल भरा काम होता है जिन्होंने आज तक कभी क्रिकेट देखा ना हो। क्रिकेट एक बेहद जटिल खेल है और इसमें कई तरह के नियम भी हैं जिस वजह से देखने वाले दर्शक कई बार उलझन में पड़ जाते हैं। लेकिन इतने उलझन और कठिनाइयों के बावजूद आज भी दुनियाभर में 200 करोड़ से ज्यादा लोग इसे देखना पसंद करते हैं।

क्रिकेट के मैदान पर जब भी कुछ होता है तो चारों तरफ से लोग उसमें अपनी राय देने लगते हैं। इसी वजह से क्रिकेट में कुछ कुछ नियम अक्सर विवादों के घेरे में रहते हैं। आज हम बात करेंगे उन छह नियमों के बारे में जो अक्सर विवादों में रहे हैं और उनको लेकर फैंस और विशेषज्ञों के बीच बातचीत होती चली आ रही है।

क्रिकेट की दुनिया के छह सबसे विवादित नियम:

6. अंडरआर्म गेंदबाजी नियम

Trevor Chappell. (Photo Source: Twitter)
Trevor Chappell. (Photo Source: Twitter)

कई सालों तक क्रिकेट में अंडरआर्म गेंदबाजी करना काफी आम बात थी। 1981 में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए वनडे मैच में ग्रेग चैपल ऑस्ट्रेलिया के कप्तान थे और उन्होंने अपने भाई ट्रेवर चैपल को अंडरआर्म गेंदबाजी करने के लिए कहा जब कीवी टीम को आखिरी गेंद पर सात रनों की जरूरत थी। ग्रेग ने अंपायर को इस बारे में बताया और अंपायर ने इसकी जानकारी न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों को दी।

ब्रायन मैक्केनी ने वो आखिरी गेंद खेली लेकिन इस गेंद के बाद ग्रेग चैपल को दुनिया के कोने-कोने से इस फैसले की वजह से आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। उनके अपने भाई और पूर्व ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी इयान चैपल, जो उस वक्त कमेंट्री कर रहे थे, उन्होंने भी ऑन एयर कहा था, “No, Greg, no, you can’t do that.” 

हालांकि, ये नियम पहले से ही आईसीसी की किताब में मौजूद था, लेकिन उस मैच के निर्धारित नियमों में इसका कोई अस्तित्व नहीं था। यह एकमात्र ऐसी घटना थी जिसपर इस अंडरआर्म नियम को लेकर मीडिया का इतना ध्यान गया था। क्रिकेट इतिहास का ये अध्याय इसलिए भी याद रखा जाएगा क्योंकि इसकी आलोचना विश्व भर में हुई थी।