"ऐसा पहले कभी नहीं देखा" - जोस बटलर ने वैभव सूर्यवंशी की तारीफों के बांधे पुल

“ऐसा पहले कभी नहीं देखा” – जोस बटलर ने वैभव सूर्यवंशी की तारीफों के बांधे पुल

बटलर ने कहा कि इतनी कम उम्र में वैभव जिस तरह के रिकॉर्ड बना रहे हैं, वह क्रिकेट में पहले कभी देखने को नहीं मिला।

Vaibhav Sooryavanshi (Image credit Twitter - X)
Vaibhav Sooryavanshi (Image credit Twitter – X)

भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी लगातार अपने प्रदर्शन से क्रिकेट जगत को हैरान कर रहे हैं। हाल ही में श्रीलंका में आयोजित त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल में उनकी विस्फोटक पारी ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। इंग्लैंड के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज जोस बटलर भी 15 वर्षीय खिलाड़ी की तारीफ करने से खुद को नहीं रोक पाए।

बटलर ने कहा कि इतनी कम उम्र में वैभव जिस तरह के रिकॉर्ड बना रहे हैं, वह क्रिकेट में पहले कभी देखने को नहीं मिला। उन्होंने माना कि युवा बल्लेबाज की प्रतिभा असाधारण है और वह लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

विवाद के बाद बल्ले से दिया जवाब

सीरीज के दौरान वैभव एक विवाद में भी फंस गए थे। भारत ए और श्रीलंका ए के बीच खेले गए एक मुकाबले के बाद उनकी श्रीलंकाई खिलाड़ी विनेश हलांबागे के साथ कहासुनी हो गई थी। बताया गया कि मैच के दौरान हुई स्लेजिंग के बाद दोनों खिलाड़ियों के बीच तनाव बढ़ गया था।

इस घटना के बाद क्रिकेट अधिकारियों ने मामले पर नजर रखी और खिलाड़ियों को चेतावनी भी दी। हालांकि, वैभव ने अगले ही मैच में अपने बल्ले से ऐसा जवाब दिया कि सारी चर्चा उनके शानदार खेल पर आकर रुक गई।

फाइनल मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने मात्र 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर लिस्ट-ए क्रिकेट के इतिहास का सबसे तेज अर्धशतक बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। उन्होंने सिर्फ 28 गेंदों में 94 रन की धमाकेदार पारी खेली, जिसमें चौकों और छक्कों की बारिश देखने को मिली।

उनकी इस शानदार पारी की बदौलत भारत ए ने 50 ओवर में 377 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। वैभव ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया और श्रीलंका ए के गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा।

शानदार प्रदर्शन का इनाम वैभव को जल्द ही मिल गया। उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय सीनियर टीम में जगह दी गई है। इसके साथ ही वह भारत की सीनियर टीम में चुने जाने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं।

उन्होंने इस मामले में महान बल्लेबाज सचिन तेंडुलकर का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैभव इसी तरह खेलते रहे तो आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े सितारों में शामिल हो सकते हैं।

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