अगर भारतीय टीम को वनडे वर्ल्ड कप करना है अपने नाम, तो सुनील गावस्कर की इस चेतावनी को गंभीर रूप से ले
महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम ने 2007 टी-20 वर्ल्ड कप, 2011 वनडे वर्ल्ड कप और 2013 चैंपियंस ट्रॉफी अपने नाम की थी।
अद्यतन - Apr 3, 2023 6:14 pm

इसी साल यानी 2023 में भारत में वनडे वर्ल्ड कप खेला जाना है। तमाम लोग इस शानदार टूर्नामेंट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। तमाम भारतीय प्रशंसक यही चाहते हैं कि इस बार उनकी टीम बेहतरीन प्रदर्शन कर इस ट्रॉफी को अपने नाम करें।
भारतीय टीम भी इस आगामी टूर्नामेंट के लिए पूरी तरह से तैयार है। हालांकि कई ऐसे भी खिलाड़ी हैं जो इस समय चोटिल हैं। जसप्रीत बुमराह इस समय अपनी चोट से उभर रहे हैं। श्रेयस अय्यर भी अभी चोटिल है और वो भी राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में अपनी चोट से उभर रहे हैं। तमाम भारतीय फैंस यही दुआ कर रहे होंगे कि यह दोनों खिलाड़ी जल्द से जल्द पूरी तरह से फिट हो जाए ताकि उनकी टीम पहले से और मजबूत हो जाए।
बता दें, महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम ने 2007 टी-20 वर्ल्ड कप, 2011 वनडे वर्ल्ड कप और 2013 चैंपियंस ट्रॉफी अपने नाम की थी। हालांकि इसके बाद वो एक भी ICC इवेंट की ट्रॉफी को जीत नहीं पाए हैं। रोहित शर्मा और उनकी टीम की निगाहें वनडे वर्ल्ड कप पर होगी। इस बेहतरीन टूर्नामेंट से पहले भारत के पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने बड़ा बयान दिया है। उनके मुताबिक खिलाड़ियों को महत्वपूर्ण सीरीज में आराम देना और बार-बार टीम में बदलाव करने से उनके वर्ल्ड कप को जीतने की उम्मीद और भी कम हो जाएंगी।
यह वर्ल्ड कप का साल है और भारत को अपने महत्वपूर्ण खिलाड़ियों को सभी सीरीज में खिलाना चाहिए: सुनील गावस्कर
सुनील गावस्कर ने अपने मिड डे कॉलम में लिखा कि, ‘यह वर्ल्ड कप का साल है और अगर भारतीय टीम के खिलाड़ी मुकाबलों को मिस करेंगे या ज्यादा से ज्यादा टीम में बदलाव किए जाएंगे तो उन्हें भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। जो खिलाड़ी भारतीय टीम के मुकाबलों को मिस कर रहे हैं उनके क्रिकेटिंग करियर में भी सवाल उठाए जाएंगे।’
सुनील गावस्कर ने पहले कहा था कि, ‘मैं सच बताऊं तो यह चाहता हूं कि BCCI खिलाड़ियों के आराम देने के फैसले पर विचार करें। सभी ग्रेड ए क्रिकेटर्स को अच्छा कॉन्ट्रैक्ट मिला है। उन्हें हर मैच के पैसे भी अच्छे मिल रहे हैं। लेकिन आप मुझे एक ऐसी कंपनी बताइए जिनका सीईओ एमडी को इतना ज्यादा टाइम मिल रहा है? मुझे लगता है कि अगर भारतीय क्रिकेट को थोड़ा और प्रोफेशनल बनाना है तो 1 लाइन जरूर बनानी होगी।
अगर आपको आराम करना है तो कुछ शर्तें भी आपकी कम होगी। मेरे दिमाग में बस यही बात चलती है कि कोई भी भारतीय टीम में क्यों नहीं खेलना चाहेगा? सबको पैसे अच्छे मिल रहे हैं और राष्ट्रीय टीम में खेलने वालों की भी कमी नहीं है।’