अभी भी लगता है मैं सपना देख रहा हूं: नंबर 1 टी-20 बल्लेबाज बनने पर सूर्यकुमार यादव ने कही ये बात
सूर्यकुमार यादव ने इस कैलेंडर ईयर 31 टी-20 मुकाबलों में 187.43 के स्ट्राइक रेट से 1164 रन बनाए हैं।
अद्यतन - Dec 26, 2022 2:57 pm

सूर्यकुमार यादव के लिए यह साल टी-20 प्रारूप में कमाल का रहा है। उन्होंने अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी से भारतीय टीम को कई मुकाबलों में जीत दिलाई है। वो अब इस प्रारूप में भारतीय टीम के महत्वपूर्ण खिलाड़ी बन गए हैं। यादव ने इस कैलेंडर ईयर 31 टी-20 मुकाबलों में 187.43 के स्ट्राइक रेट से 1164 रन बनाए हैं।
भले ही टी-20 वर्ल्ड कप 2022 में भारतीय टीम फाइनल के लिए क्वालीफाई ना कर पाई हो लेकिन सूर्यकुमार यादव ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया और तीसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने। उन्होंने लगातार बेहतरीन बल्लेबाजी की और अपनी टीम को कई महत्वपूर्ण मुकाबले में जीत दिलाई। सूर्यकुमार यादव इस समय टी-20 प्रारूप में दुनिया के नंबर एक बल्लेबाज हैं।
PTI से बात करते हुए सूर्यकुमार यादव ने कहा कि, ‘यह अभी भी सपने जैसा है। अपने आप को दुनिया के नंबर एक बल्लेबाज की तरह देखना और बुलवाना सच में कमाल की बात है। अगर कोई मुझसे यह बात एक साल पहले कहता तो मुझे नहीं पता था कि मैं इसका कैसे जवाब देता। मैंने जब इस प्रारूप में खेलना शुरू किया तो मुझे सबसे अच्छा बनना था और इसलिए मैंने इसके लिए कड़ी मेहनत की।’
जब भी मैं बल्लेबाजी करने जाता हूं तो अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने को देखता हूं: सूर्यकुमार यादव
सूर्यकुमार यादव ने 20 नवंबर को न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी-20 मुकाबले में क्राइस्टचर्च में 51 गेंदों में 111* रन की शानदार मैच जिताऊ शतकीय पारी खेली थी। उनकी इस पारी की बदौलत भारतीय टीम ने नहीं सिर्फ यह मैच जीता बल्कि टी-20 सीरीज में अपने नाम की।
वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे टी-20 मुकाबले में 2 अगस्त को शानदार बल्लेबाज ने 44 गेंदों में 73 रन बनाए जिसकी वजह से भारतीय टीम ने यह मैच 7 विकेट से अपने नाम किया। उन्होंने कई बार बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए तमाम लोगों का दिल जीता है।
सूर्यकुमार यादव ने आगे कहा कि, ‘मैं चाहे कोई भी प्रारूप खेलूं खेल को लेकर ज्यादा नहीं सोचता। क्योंकि मैं उस मुकाबले का आनंद उठाना चाहता हूं और जब भी बल्लेबाजी करने उतरता हूं तो शानदार प्रदर्शन करता हूं। मैंने हमेशा इस चीज का सपना देखा है कि मैं जब भी बल्लेबाजी करने उतरी तब गेम चेंजर बन जाऊं। चाहे टी-20, वनडे हो या रणजी ट्रॉफी मुझे हमेशा बल्लेबाजी करना पसंद रहा है।’