सिडनी टेस्ट में टीम इंडिया और टीम ऑस्ट्रे‍‍लिया क्यों ब्लैक आर्मबैंड बांध कर खेलने उतरी - क्रिकट्रैकर हिंदी

सिडनी टेस्ट में टीम इंडिया और टीम ऑस्ट्रे‍‍लिया क्यों ब्लैक आर्मबैंड बांध कर खेलने उतरी

Lokesh Rahul
Lokesh Rahul (Photo by Ryan Pierse/Getty Images)

सिडनी में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बहुप्रतीक्षित चौथा टेस्ट मैच शुरू हो गया है। यह मैच भारत यदि जीत लेता है या ड्रॉ भी करा लेता है तो सीरिज भारत के नाम होगी। साथ ही भारत पहली बार ऑस्ट्रेलिया में सीरिज जीतने में सफल होगा। वैसे बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी तो भारत के ही नाम हो चुकी है क्योंकि भारत यदि यह टेस्ट हारता भी है तो सीरिज 2-2 से बराबर होगी। चूंकि भारत पिछली सीरिज जीता था इसलिए यह ट्रॉफी भारत के ही नाम होगी।

सिडनी का पिच स्पिनर्स को मदद करता है इसलिए भारतीय टीम में कुलदीप यादव को शामिल किया गया है। जबकि रोहित शर्मा की जगह एक बार फिर केएल राहुल को दी है। ऑस्ट्रेलिया टीम में भी दो बदलाव किए गए हैं। मिचेल मार्श और एरन फिंच को टीम में जगह नहीं मिली है। उनकी जगह मार्नस लैबुशांगे और पीटर हैंड्सकॉम्ब को जगह दी गई है। राहुल का खराब फॉर्म जारी है और वे पहली पारी में मात्र 9 रन बना कर चलते बने।

चौथे टेस्ट में टीम इंडिया अपने हाथ में ब्लैक आर्मबैंड बांधकर उतरी। यह देख कई क्रिकेट प्रेमी चकित रह गए। दरअसल टीम इंडिया ने ये बैंड सचिन तेंदुलकर के गुरु रमाकांत आचरेकर के निधन पर उनके सम्मान में बांधा। आचरेकर का निधन 2 जनवरी मुंबई में हो गया। वे 87 साल के थे। सभी जानते हैं कि आचरेकर ने सचिन तेंदुलकर, विनोद कांबली जैसे मशहूर क्रिकेटर्स को क्रिकेट की बारीकियां सिखाई थी। सचिन बचपन में आचरेकर से शिवाजी पार्क में क्रिकेट सिखने जाते थे। सचिन ने सदैव आचरेकर सर का सम्मान किया और उनका ध्यान रखा। टीम इंडिया ने शोक के इस अवसर पर ब्लैक आर्मबैंड बांध कर उतरने का फैसला किया। ऑस्ट्रेलिया टीम ने भी ऐसा ही किया।

सचिन को याद आ रहे होंगे कई किस्से
आचरेकर सर सचिन को अपने स्कूटर पर मैच खिलाने ले जाया करते थे। सचिन एक मैच में आउट हो जाते तो फौरन वे अपने स्कूटर पर उन्हें दूसरी जगह ले जाते। सचिन की तकनीकी पहलू पर ध्यान देते। सचिन की अच्छी पारी पर एक सिक्का दिया करते थे। एक बार सचिन प्रैक्टिस छोड़ कर मैच देखने चले गए थे। आचरेकर ने फटकार लगाई कि दूसरों के लिए ताली बजाने के बजाय खुद ऐसा काम करो कि लोग तुम्हारे लिए ताली बजाएं। ऐसे कई किस्से सचिन के जेहन में घूम रहे होंगे।