आंखों में बड़ा सपना लेकर आया क्रिकेट का वो बदकिस्मत खिलाड़ी, जिसका 12 दिन में ही खत्म हो गया करियर

आंखों में बड़ा सपना लेकर आया क्रिकेट का वो बदकिस्मत खिलाड़ी, जिसका 12 दिन में ही खत्म हो गया करियर

एंथोनी स्टुअर्ट ने घरेलू क्रिकेट के लिस्ट ए मैचों में अपने अच्छे प्रदर्शन के आधार पर ऑस्ट्रेलियाई टीम में जगह बनाई थी।

Anthony Stuart (Source Instagram)
Anthony Stuart (Source Instagram)

किस्मत के खेल में बड़े से बड़ा खिलाड़ी मात खा जाता है। ऐसे कई खिलाड़ी हैं, जिन्हें खुद को साबित करने के कई मौके मिले, लेकिन वे असफल रहे। वहीं दूसरी ओर कुछ खिलाड़ी ऐसे भी हैं, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सीमित मौके मिले और इन मौकों पर उसने अपने प्रदर्शन से अपनी किस्मत बदल दी। ऑस्ट्रेलिया के एंथोनी स्टुअर्ट (Anthony Stuart) को ऐसे ही बदकिस्मत क्रिकेटरों की श्रेणी में रखा जा सकता है।

ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स के तेज गेंदबाज एंथोनी स्टुअर्ट का अंतरराष्ट्रीय करियर महज 12 दिनों का रहा है। इस बीच उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। यहां तक कि अपने आखिरी वनडे में उन्होंने हैट्रिक के साथ 5 विकेट लिए थे। वह प्लेयर ऑफ द मैच भी बने, लेकिन दोबारा देश के लिए नहीं खेल सके।

तीन वनडे मैचों के साथ ही उनके अंतरराष्ट्रीय करियर पर ‘पूर्ण विराम’ लग गया। इसमें कोई संदेह नहीं है कि एंथोनी स्टुअर्ट को जो भी अवसर मिले, उन्होंने शानदार प्रदर्शन करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

एंथोनी स्टुअर्ट का क्रिकेट करियर 

एंथोनी मार्क स्टुअर्ट का जन्म 2 जनवरी 1970 को हुआ था। घरेलू क्रिकेट के लिस्ट ए मैचों में अपने अच्छे प्रदर्शन के आधार पर, उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई टीम में अपनी जगह बनाई और अपने 27वें जन्मदिन के तीन दिन बाद 5 जनवरी 1997 को वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे मैच में डेब्यू किया।

अपने डेब्यू वनडे में उन्होंने 10 ओवर में 48 रन देकर दो विकेट लिए। इन विकेटों का महत्व इसलिए बढ़ जाता है, क्योंकि बैटिंग विकेट पर उन्होंने ब्रायन लारा और जूनियर मरे को आउट किया था। स्टुअर्ट ने 7 जनवरी को पाकिस्तान के खिलाफ एक और मैच खेला और 10 ओवर में 35 रन देकर एक विकेट लिया। उन्होंने दो रन आउट का भी योगदान दिया।

करियर के आखिरी मैच में लिया हैट्रिक और फिर हो गए गायब 

इसके बाद 16 जनवरी, 1997 को खेला गया मैच उनके करियर के लिहाज से ‘माइलस्टोन’ था। मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) में पाकिस्तान के खिलाफ इस मैच में उन्होंने हैट्रिक समेत 5 विकेट और 3 कैच भी लिए और मैन ऑफ द मैच रहे। उस समय, वह ब्रूस रीड के बाद वनडे में हैट्रिक लेने वाले दूसरे ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज बने थे। स्टुअर्ट ने एजाज अहमद, मोहम्मद वसीम और मोईन खान को आउट कर हैट्रिक पूरी की थी।

हालांकि, यह मैच ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज के अंतरराष्ट्रीय करियर का आखिरी मैच साबित हुआ और इसके बाद उन्हें देश के लिए खेलने का मौका नहीं मिला। वह 12 दिनों के भीतर ही टीम से बाहर हो गये।

क्रिकेट से संन्यास के बाद क्या कर रहे Anthony Stuart

अपने तीन वनडे करियर में स्टुअर्ट ने 13.62 की औसत से 8 विकेट लिए। बता दें कि स्टुअर्ट का फर्स्ट क्लास और लिस्ट ए करियर भी ज्यादा लंबा नहीं चला। उनके नाम 26 प्रथम श्रेणी मैचों में 70 विकेट और 27 लिस्ट ए मैचों में 45 विकेट हैं। 2000 में क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद एंथोनी स्टुअर्ट ने क्रिकेट में ए‍डमिनिस्‍ट्रेटर के रूप में जिम्मेदारियां संभालीं। बाद में उन्होंने न्यूजीलैंड में वेलिंग्टन टीम को भी कोचिंग दी।

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