आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल हुए सौरव गांगुली, सचिन ने खास अंदाज में दी बधाई

आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल हुए सौरव गांगुली, सचिन ने खास अंदाज में दी बधाई

लंबी दोस्ती को याद करते हुए तेंदुलकर ने पूर्व भारतीय कप्तान की उपलब्धि पर जताया गर्व

 Sachin Tendulkar Sourav Ganguly (Image credit Twitter - X)
Sachin Tendulkar Sourav Ganguly (Image credit Twitter – X)

भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने अपने लंबे समय के साथी और पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल होने पर दिल से बधाई दी। गांगुली के लिए यह सम्मान और भी खास बन गया क्योंकि उन्हें यह उपलब्धि उनके 54वें जन्मदिन के मौके पर मिली।

हालांकि, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने आधिकारिक तौर पर नई सूची की घोषणा नहीं की है, लेकिन गांगुली ने खुद सोशल मीडिया के जरिए इस सम्मान की जानकारी साझा की। इसके बाद क्रिकेट जगत से उन्हें लगातार शुभकामनाएं मिलने लगीं।

सचिन तेंदुलकर ने सोशल मीडिया पर गांगुली के लिए खास संदेश लिखा। उन्होंने कहा कि दोनों एक-दूसरे को 14 साल की उम्र से जानते हैं, इसलिए गांगुली का हॉल ऑफ फेम में शामिल होना उनके लिए बिल्कुल भी चौंकाने वाली बात नहीं है।

सचिन ने लिखा कि इतने सालों की दोस्ती के बाद अब बहुत कम चीजें हैरान करती हैं और यह सम्मान भी उनमें से एक नहीं था। उन्होंने गांगुली को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि उन्हें अपने दोस्त को आईसीसी हॉल ऑफ फेम में देखकर बेहद खुशी हो रही है।

इस सम्मान के बाद सौरव गांगुली ने भी सोशल मीडिया पर ICC और उसके चेयरमैन जय शाह का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि हॉल ऑफ फेम में जगह मिलना उनके लिए बहुत बड़ा सम्मान है। गांगुली ने यह भी बताया कि वह इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल होने वाले केवल 10वें भारतीय क्रिकेटर बने हैं और महान खिलाड़ियों के बीच अपना नाम देखकर उन्हें गर्व महसूस हो रहा है।

भारतीय क्रिकेट के सफल कप्तानों में गांगुली का नाम

सौरव गांगुली को भारतीय क्रिकेट के सबसे प्रभावशाली कप्तानों में गिना जाता है। उन्होंने ऐसे समय में टीम की कमान संभाली, जब भारतीय क्रिकेट मुश्किल दौर से गुजर रहा था। उनकी आक्रामक सोच और निडर नेतृत्व ने टीम इंडिया को विदेशों में भी जीतना सिखाया।

गांगुली ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 424 मैच खेलते हुए 18,575 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 38 शतक और 107 अर्धशतक निकले। कप्तान के रूप में उन्होंने भारत के लिए 196 अंतरराष्ट्रीय मैचों में नेतृत्व किया और 97 मुकाबलों में जीत दिलाई।

उनके नेतृत्व में भारत ने 2001 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऐतिहासिक बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जीती। 2004 में पाकिस्तान में पहली टेस्ट सीरीज अपने नाम की और 2003 वनडे विश्व कप के फाइनल तक का शानदार सफर तय किया।

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