"सूर्यवंशी की तकनीक में ब्रैडमैन की झलक" - रोबिन उथप्पा ने ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज से की भारतीय युवा सनसनी की तुलना

“सूर्यवंशी की तकनीक में ब्रैडमैन की झलक” – रोबिन उथप्पा ने ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज से की भारतीय युवा सनसनी की तुलना

रॉबिन उथप्पा का मानना है कि वैभव की बल्लेबाजी तकनीक महान ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज डॉन ब्रैडमैन से मिलती-जुलती है।

Robin Uthappa Compares Indian Prodigy Vaibhav Sooryavanshi’s Technique to Don Bradman (Image credit Twitter - X)
Robin Uthappa Compares Indian Prodigy Vaibhav Sooryavanshi’s Technique to Don Bradman (Image credit Twitter – X)

भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने बहुत कम समय में अपनी बल्लेबाजी से सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में भारत के लिए डेब्यू करने वाले 15 वर्षीय वैभव ने इतिहास रचते हुए सबसे कम उम्र में भारतीय टीम के लिए खेलने का रिकॉर्ड बनाया।

इसके बाद जिम्बाब्वे दौरे पर उन्होंने पुरुष अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने और प्लेयर ऑफ द सीरीज बनने का कारनामा भी किया। उनके शानदार प्रदर्शन के बाद कई पूर्व क्रिकेटर उन्हें भविष्य का बड़ा सितारा मान रहे हैं।

इसी बीच भारत के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज रॉबिन उथप्पा ने भी वैभव की तारीफ की, लेकिन साथ ही जल्दबाजी में बड़े निष्कर्ष निकालने से बचने की सलाह दी। रॉबिन उथप्पा का मानना है कि वैभव की बल्लेबाजी तकनीक महान ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज डॉन ब्रैडमैन से मिलती-जुलती है।

उन्होंने कहा कि वैभव की तकनीक ऐसी है कि उन्हें एलबीडब्ल्यू आउट करना आसान नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अभी गेंदबाजों ने वैभव की बल्लेबाजी के हिसाब से अपनी रणनीति नहीं बदली है। जब विरोधी टीमें उनकी कमजोरियों पर काम करेंगी, तब पता चलेगा कि वह किस तरह खुद को ढालते हैं।

लगातार प्रदर्शन होगा असली परीक्षा

उथप्पा ने कहा कि अगर वैभव आने वाले वर्षों में अपने आक्रामक स्ट्राइक रेट को बरकरार रखते हुए 40 से ऊपर की औसत से रन बनाते हैं, तो वह क्रिकेट के सबसे अलग और खास खिलाड़ियों में गिने जा सकते हैं। उनके अनुसार किसी खिलाड़ी की महानता का फैसला कुछ मैचों से नहीं, बल्कि लंबे समय तक लगातार अच्छा प्रदर्शन करने से होता है।

उथप्पा ने अपने बयान में महेंद्र सिंह धोनी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में खिलाड़ी पारंपरिक तकनीक से हटकर अपनी स्वाभाविक शैली में खेल रहे हैं। धोनी ने भी अपने अनोखे अंदाज से सफलता हासिल की थी और शुरुआत में उनकी तकनीक पर सवाल उठाए जाते थे।

उथप्पा का मानना है कि आधुनिक क्रिकेट में हर खिलाड़ी की अपनी अलग पहचान हो सकती है। उन्होंने कहा कि जैसे सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली और शुभमन गिल अपनी-अपनी शैली में सफल रहे हैं, वैसे ही वैभव सूर्यवंशी भी अपने प्राकृतिक खेल के दम पर नई पहचान बना रहे हैं। अब सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि वह आने वाले वर्षों में इसी निरंतरता के साथ प्रदर्शन करते रहें।

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