क्या NZ दौरे पर भी बेंच पर बैठे रहेंगे वैभव सूर्यवंशी? कप्तान श्रेयस अय्यर ने आखिरकार तोड़ी चुप्पी

क्या NZ दौरे पर भी बेंच पर बैठे रहेंगे वैभव सूर्यवंशी? कप्तान श्रेयस अय्यर ने आखिरकार तोड़ी चुप्पी

न्यूजीलैंड सीरीज से पहले भारतीय कप्तान ने सलामी बल्लेबाजों को लेकर स्थिति साफ की

Vaibhav Sooryavanshi (Image credit Twitter - X)
Vaibhav Sooryavanshi (Image credit Twitter – X)

भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज की शुरुआत 22 अक्टूबर 2026 से होने जा रही है। इस सीरीज से पहले भारतीय टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर बड़ा बयान दिया है।

उन्होंने साफ किया है कि न्यूजीलैंड के खिलाफ संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा ही भारतीय टीम के लिए पारी की शुरुआत करेंगे। ऐसे में शानदार फॉर्म में होने के बावजूद वैभव सूर्यवंशी को ओपनिंग करने का मौका मिलना मुश्किल है।

श्रेयस अय्यर ने वैभव सूर्यवंशी को लेकर कही बड़ी बात

सीरीज के पहले मुकाबले से पहले श्रेयस अय्यर ने बताया कि वैभव सूर्यवंशी बेहद प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं, लेकिन उन्हें अभी अपने मौके का इंतजार करना होगा। अय्यर ने कहा, “वैभव जैसे युवा खिलाड़ी का ड्रेसिंग रूम में खुश रहना जरूरी है। वह अभी काफी युवा हैं और आने वाले समय में उन्हें कई मौके मिलेंगे। फिलहाल उन्हें सीधे टीम में जगह नहीं दी जा सकती, क्योंकि हमारे सलामी बल्लेबाज लगातार रन बना रहे हैं और विश्व कप भी जीत चुके हैं।”

संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा ने इस साल भारत को टी20 विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाई थी। इसी वजह से टीम प्रबंधन फिलहाल इस जोड़ी पर भरोसा बनाए रखना चाहता है।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शानदार रहा वैभव का प्रदर्शन

वैभव सूर्यवंशी ने जुलाई 2026 में इंग्लैंड के खिलाफ अपना टी20 अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था। वह भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने। उन्होंने अब तक 8 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 30.75 की औसत से 246 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से दो अर्धशतक निकले हैं।

जिम्बाब्वे के खिलाफ जुलाई में खेली गई सीरीज में भी वैभव ने शानदार बल्लेबाजी की थी। उन्होंने पहले मुकाबले में केवल 19 गेंदों में अर्धशतक लगाया और सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे।

श्रेयस अय्यर का मानना है कि न्यूजीलैंड दौरा वैभव के लिए सीखने का अच्छा मौका होगा। भले ही उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह न मिले, लेकिन विदेशी पिचों को समझना उनके भविष्य के लिए फायदेमंद रहेगा।

अय्यर ने कहा कि यहां खेलने की परिस्थितियों को समझने से वैभव अगली बार बेहतर तैयारी के साथ लौट सकेंगे। साथ ही वह भविष्य में दूसरे युवा खिलाड़ियों की भी मदद कर पाएंगे।

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