इस वजह से पिच पर नहीं टिक पा रहे विराट कोहली, इरफान पठान ने बताई सबसे बड़ी वजह - क्रिकट्रैकर हिंदी

इस वजह से पिच पर नहीं टिक पा रहे विराट कोहली, इरफान पठान ने बताई सबसे बड़ी वजह

विराट कोहली अभी तक इस टेस्ट सीरीज में ऑफ स्टंप से बाहर जाती गेंदों पर अपना विकेट दे बैठे।

Virat Kohli and Irfan Pathan. (Photo Source: Getty Images)
Virat Kohli and Irfan Pathan. (Photo Source: Getty Images)

भारतीय कप्तान विराट कोहली इस समय इंग्लैंड के खिलाफ चल रही 5 मैचों की टेस्ट सीरीज के शुरुआती 3 मैचों में रन बनाने के लिए पूरी तरह से संघर्ष करते हुए दिखाई दिए हैं। कोहली ने इस सीरीज में अब तक 24.80 के औसत से सिर्फ 124 रन बनाए हैं, जिसमें तीसरे टेस्ट मैच में एक अर्धशतकीय पारी भी शामिल है।

कोहली के इस फॉर्म को लेकर लगातार चर्चा देखने को मिल रही है, जिसमें कई विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे हैं। इसी बीच पूर्व भारतीय हरफनमौला खिलाड़ी इरफान पठान ने अपने एक बयान में कहा कि कोहली के इस संघर्ष का कारण उनकी तकनीक नहीं बल्कि उनका आक्रमक रवैया ज्यादा नुकसान पहुंचा रहा है।

आकाश चोपड़ा के यूट्यूब चैनल पर इरफान पठान ने बातचीत के दौरान कहा कि, मुझे लगता है कि तैयारी की कोई बात नहीं है। विराट कोहली सामने वाली टीम पर हावी होना चाहते हैं, जिसकी वजह से उन्हें ऑफ स्टंप के बाहर की गेंदें खेलने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। बस इतनी सी छोटी सी बात है। तकनीकी से ज्यादा यह कोहली की आक्रामक सोच, जिसके चलते उन्हें परेशानी हो रही है।

विराट कोहली ने नहीं दिखाया धैर्य

इंग्लैंड टीम के गेंदबाजों ने लगातार भारतीय कप्तान विराट कोहली के खिलाफ ऑफ स्टंप के बाहर गेंद डालने का प्रयास जारी रखा। जिससे लगातार एक जगह पर बॉलिंग होने विराट कोहली भी खुद को खेलने से रोक नहीं सके इस कारण वह लगातार इन गेंदों पर अपना विकेट गंवाते हुए साफ तौर पर देखे जा सकते हैं।

इसी पर भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाजी कोच संजय बांगर ने कहा कि, मुझे ऐसा लगता है, कि विराट कोहली अपनी बल्लेबाजी के दौरान बिल्कुल भी धैर्य दिखाने में कामयाब नहीं हो पा रहे हैं, जबकि इंग्लिश गेंदबाजों ने इसे आसानी से करके दिखाया है।

संजय बांगर ने इसके अलावा कोहली के इस सीरीज में आउट होने के तरीके पर भी चर्चा करते हुए बताया कि साल 2014 की सीरीज से यह थोड़ा सा अलग था, इस बार सीरीज में कोहली बॉल को डिफेंड करने में आउट नहीं हुए बल्कि वह गेंद को खेलने के प्रयास में अपना विकेट अधिक दे बैठे हैं। लेकिन साल 2014 में इसके पूरी तरह से विपरीत देखने को मिला था। मुझे ऐसा लगता है कि कोहली 6वें या 7वें स्टंप की गेंद को खेलने की कोशिश कर रहे हैं, जो बिल्कुल भी जरूरी नहीं है।