'मेरा सपना हैं कि मैं भारत के लिए....'- 100वां टेस्ट खेलने से पहले बोले चेतेश्वर पुजारा - क्रिकट्रैकर हिंदी

‘मेरा सपना हैं कि मैं भारत के लिए….’- 100वां टेस्ट खेलने से पहले बोले चेतेश्वर पुजारा

दिल्ली में खेला जाने वाला टेस्ट मैच पुजारा के करियर का 100वां टेस्ट मैच होगा।

Chetsehwar Pujara (Photo Source: Twitter)
Chetsehwar Pujara (Photo Source: Twitter)

टीम इंडिया के दिग्गज टेस्ट प्लेयर चेतेश्वर पुजारा भारत के लिए 100वां टेस्ट मैच खेलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। पुजारा 100 टेस्ट मैच खेलने वाले 13वें भारतीय खिलाड़ी बनेंगे। क्रिकेट जगत के हर कोने से पुजारा के लिए इस उपलब्धि को लेकर शुभकामनाएं आ रही हैं।

पुजारा ने अब खुद अपने 100वें टेस्ट को लेकर अपनी बात सभी के सामने रखी है। पुजारा ने बात करते हुए यह खुलासा किया है कि भारत के लिए आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की ट्रॉफी जीतना उनका सबसे बड़ा सपना है।

100वां टेस्ट खेलने के लिए उत्साहित हैं चेतेश्वर पुजारा

चेतेश्वर पुजारा लंबे समय के क्रिकेट के सबसे लंबे फॉर्मेट में भारत के लिए योगदान देते हुए नजर आ रहे हैं। अपने शानदार प्रदर्शन से पुजारा भारत को मैच जीतने में बड़ी भूमिका निभाई है। पुजारा ने भारत के लिए अब तक 99 टेस्ट मैचों में 44.16 के औसत के साथ 7021 रन बनाए हैं जिसमें 19 शतक और 34 अर्धशतक शामिल हैं।

अपने करियर में इतिहास रचने से एक कदम दूर चेतेश्वर पुजारा ने दूसरे टेस्ट मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में बात करते हुए कहा, ‘अभी काफी कुछ और हासिल करना बाकी है। मैं 100वां टेस्ट मैच खेलने के लिए काफी ज्यादा उत्साहित हूं। लेकिन हम एक महत्वपूर्ण सीरीज भी खेल रहे हैं जिसके चलते मैं उम्मीद करूंगा कि हम मैच जीतें।’

‘हमारा ध्यान पूरी तरह से आने वाले मैच पर होगा। जिससे हम वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में प्रवेश कर सकते हैं। मेरा सपना है कि मैं भारत के लिए WTC का फाइनल जीतूं जो कि पिछले फाइनल में नहीं हो पाया था।’

मैं अपनी बल्लेबाजी को लेकर राहुल द्रविड़ और विक्रम राठौर से बात करता था- पुजारा

चेतेश्वर पुजारा ने 100 वें टेस्ट मैच से पहले अपने परिवार का धन्यवाद किया है। साथ ही में पुजारा ने राहुल द्रविड़ और बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौर का जिक्र करते हुए बताया कि किस तरह से उन्होंने पुजारा की मदद की है। पुजारा ने आगे बात करते हुए कहा, ‘यह बहुत चुनौतीपूर्ण हैं।’

‘मैं जब काउंटी क्रिकेट खेल रहा था उस दौरान मैं राहुल द्रविड़ और विक्रम राठौर के साथ इस मुद्दे पर बात करता था कि मुझे कहां सुधार करना है। धैर्य अपने आप नहीं आती है आपको इसके लिए मानसिक शक्ति की जरूरत होती है। मैंने जूनियर क्रिकेट और एज ग्रुप क्रिकेट में रन बनाए। जब आप अपने खेल में ध्यान देंगे तो जाहिर हैं आप उसमें सफल होंगे।’

close whatsapp