WTC 2023 Final में टीम इंडिया की करारी हार के बाद गौतम गंभीर ने कहा, ‘भारत के ICC ट्रॉफी नहीं जीत पाने का सच दुनिया के सामने आना चाहिए’
लोग धोनी और कपिल देव को ही क्यों याद करते हैं? गौतम गंभीर ने देश की बड़ी समस्या पर प्रकाश डाला!
अद्यतन - जून 12, 2023 4:41 अपराह्न
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पूर्व भारतीय क्रिकेटर गौतम गंभीर ने कहा जब तक भारत में किसी एक क्रिकेटर या कप्तान को हीरो मानना और उसकी भक्ति में डूबना बंद नहीं किया जाएगा, तब देश में आईसीसी ट्रॉफी आना मुश्किल है। गंभीर ने यह बयान WTC 2023 फाइनल में भारत की ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ करारी हार के बाद दिया।
उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत की 2007 टी-20 वर्ल्ड कप और 2011 वनडे वर्ल्ड कप जीत में युवराज सिंह और 1983 वर्ल्ड कप जीत में मोहिंदर अमरनाथ ने अहम भूमिका निभाई थी, लेकिन कोई उन्हें याद तक नहीं करता है, सभी एमएस धोनी और कपिल देव की सराहना करते हैं, जो इस देश की बहुत बड़ी समस्या है।
गौतम गंभीर ने News18 के हवाले से कहा: “युवराज सिंह हमेशा कहते रहते हैं कि मैंने वर्ल्ड कप जीता है, और मेरा भी मानना है कि जिस व्यक्ति ने हमें 2011 और 2007 में क्रमशः वनडे वर्ल्ड कप और टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में ले कर गए, वो युवराज सिंह थे। लेकिन जब भी हम 2007 और 2011 वर्ल्ड कप की बात करते हैं, तो हम युवराज सिंह का नाम तक नहीं लेते हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। हम उनका नाम क्यों नहीं लेते हैं?
हमारा देश एक टीम-ओब्सेस्ड देश नहीं है: गौतम गंभीर
यह केवल और केवल मार्केटिंग और पीआर है, जो किसी खिलाड़ी को सबसे बड़ा और बाकी सभी को उससे छोटा दिखाते हैं। बहुत सारे लोग ऐसा नहीं कहेंगे लेकिन मुझे लगता है कि मुझे सच्चाई कहना चाहिए, क्योंकि यह दुनिया के सामने आना चाहिए कि हमारा देश एक टीम-ओब्सेस्ड देश नहीं है, बल्कि इस देश में किसी एक व्यक्ति के लिए जरुरत से ज्यादा जुनून है। भारत के लोगों में टीम के लिए जुनून नहीं है, बल्कि वे किसी एक क्रिकेटर के लिए पागल हैं।
जबकि अन्य देशों में जैसे इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में किसी एक स्टार से बड़ी टीम है। भारतीय क्रिकेट के सभी हितधारक, ब्रॉडकास्टर और मीडिया से लेकर सभी एक पीआर एजेंसी बनकर रह गए हैं। अगर ब्रॉडकास्टर आपको श्रेय नहीं देंगे, तो आपको हमेशा कम आंका जाएगा, और यह सबसे बड़ा सच है। यही कारण है कि हमने 2013 के बाद से अब तक आईसीसी टूर्नामेंट नहीं जीता है, क्योंकि हम किसी एक क्रिकेटर के प्रति इतने ज्यादा जुनूनी जो हैं।
हमने सिर्फ कपिल देव जी को वर्ल्ड कप ट्रॉफी उठाते हुए देखा है! हैं ना? जबकि 1983 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल और फाइनल में मोहिंदर अमरनाथ जी मैन ऑफ द मैच रहे थे। कितने लोग जानते हैं कि फाइनल में मोहिंदर अमरनाथ जी मैन ऑफ द मैच थे? नहीं जानते, यही समस्या है। 1983 वर्ल्ड कप की आज तक एक ही तस्वीर दिखाई गई है, जहां कपिल देव जी ट्रॉफी को उठाते हुए नजर आते हैं, कभी-कभी मोहिंदर अमरनाथ जी को भी दिखाइए।”