‘CSK में नहीं मिला मौका जिसका गुस्सा मैंने रॉयल लंदन वनडे कप टूर्नामेंट में उतारा’: चेतेश्वर पुजारा
चेतेश्वर पुजारा ने रॉयल लंदन वनडे कप में कुल 9 मुकाबलों में लगभग 90 के औसत और 112 के स्ट्राइक रेट से 624 रन बनाए हैं।
अद्यतन - सितम्बर 17, 2022 5:23 अपराह्न

भारतीय टीम के अनुभवी बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने रॉयल लंदन वनडे कप में ससेक्स की ओर से बेहतरीन प्रदर्शन किया है। उन्होंने कुल 9 मुकाबलों में लगभग 90 के औसत और 112 के स्ट्राइक रेट से 624 रन बनाए हैं। यही नहीं उन्होंने इस टूर्नामेंट में 3 शतक और 2 अर्धशतक भी जड़े। उन्होंने इस टूर्नामेंट में 107, 174, 49*, 66 और 132 रन की आक्रामक पारियां खेली है।
चेतेश्वर पुजारा ने भारतीय टीम की ओर से कई टेस्ट मुकाबले खेले हैं जिसमें उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया है। हालांकि पिछले कुछ समय से उनका इस प्रारूप में भी काफी निराशाजनक प्रदर्शन रहा है लेकिन तमाम लोगों को उम्मीद है कि वो जल्द ही अपने बेहतरीन फॉर्म में लौटेंगे। पुजारा ने भारत के लिए मात्र पांच वनडे मुकाबले खेले हैं जिसमें उन्होंने 10.2 के औसत से 51 रन बनाए है। उन्होंने अपना आखिरी वनडे मुकाबला साल 2014 में खेला था।
तमाम लोगों को उम्मीद है कि जिस तरीके का प्रदर्शन पुजारा ने रॉयल लंदन वनडे कप में किया है उसको देखते हुए उनकी वनडे टीम में वापसी हो सकती है। IPL की बात की जाए तो उन्होंने अभी तक 30 मुकाबलों में 20.53 के औसत से 390 रन बनाए हैं।
भारतीय बल्लेबाज ने अपना आखिरी IPL मुकाबला 2014 में मुंबई इंडियंस (MI) के खिलाफ खेला था। 2021 में उन्हें चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने अपनी टीम में शामिल तो किया लेकिन उन्हें एक भी मुकाबला खेलने का मौका नहीं मिला। इसी के साथ टी-20 प्रारूप को लेकर चेतेश्वर पुजारा ने अपना बयान दिया है।
यह निश्चित रूप से मेरे खेल का एक अलग पक्ष है: चेतेश्वर पुजारा
‘द क्रिकेट पॉडकास्ट’ में चेतेश्वर पुजारा ने कहा कि, ‘यह निश्चित रूप से मेरे खेल का एक अलग पक्ष है, इसमें कोई भी संदेह नहीं है। पिच काफी अच्छी थी, थोड़ी सपाट थी लेकिन इस पिच में भी आपको ज्यादा से ज्यादा स्ट्राइक रेट से रन बनाने की जरूरत है।
यह एक ऐसी चीज है जिस पर मैंने हमेशा काम किया है। पिछले साल में चेन्नई सुपर किंग्स की टीम में था लेकिन मुझे एक भी मैच खेलने को नहीं मिला। मैंने तमाम खिलाड़ियों को वहां तैयारी करते हुए देखा और मैंने अपने आप से कहा कि चाहे कुछ भी हो जाए मुझे सबसे छोटे प्रारूप को खेलना है। मैंने हमेशा अपने विकेट की अहमियत समझी है और इस बात को भी पहचान चुका हूं कि छोटे प्रारूप में लगातार शॉट्स खेलने जरूरी होते हैं।’
उन्होंने आगे कहा कि, ‘मैंने अपनी बल्लेबाजी में रॉयल लंदन वनडे कप से पहले ही काफी काम कर लिया था। मैं ग्रैंट के पास गया और उनसे कहा कि कुछ ऐसे शॉट्स हैं जिनपर मैं काम करना चाहता हूं। ट्रेनिंग के समय मुझे उन्होंने कहा कि मैं अपने शॉट्स को अच्छी तरह से खेल रहा हूं जिसकी वजह से मेरे अंदर विश्वास बढ़ा। मुझे लगा कि अगर मैं कुछ आक्रमक शॉट्स खेलने में कामयाब रहा तो शायद टी-20 प्रारूप में मैं सफल साबित हो सकता हूं।’