जानिए विराट कोहली ने साल 2011-12 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर मैच रेफरी से क्यों लगाई बैन ना करने की गुहार - क्रिकट्रैकर हिंदी

जानिए विराट कोहली ने साल 2011-12 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर मैच रेफरी से क्यों लगाई बैन ना करने की गुहार

कोहली को धोनी की कप्तानी में काफी समर्थन मिला है लेकिन साल 2011-12 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उनके मैदान पर किए गए व्यवहार पर कई लोगों ने नाखुशी जाहिर की थी।

Virat Kohli
Virat Kohli (Photo by Michael Dodge/Getty Images)

भारतीय कप्तान विराट कोहली की गिनती ऐसे खिलाड़ियों में की जाती है, जो मैदान में उतरने के साथ पूरा ध्यान अपनी तरफ सभी का खीच लेते हैं। कोहली का आक्रामक खेल रवैया जहां टीम के बाकी खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाने का काम करता है, तो वहीं विपक्षी टीम के लिए यह एक बड़ी मुसीबत का काम भी करता है।

कोहली के पूरे करियर को अभी तक देखा जाए तो शुरू में जहां उन्हें भी संघर्ष के दौर से गुजरना पड़ा तो वहीं अब उनके गिनती विश्व क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाजों में की जाती है। भारतीय टीम का साल 2011-12 का ऑस्ट्रेलियाई दौरा कोहली के करियर में काफी निर्णायक साबित हुआ। टेस्ट में डेब्यू करने के बाद इस टेस्ट सीरीज में कोहली ने अपनी जगह टीम में पूरी तरह से पक्की कर ली थी।

महेंद्र सिंह धोनी ने कोहली का पूरा समर्थन करते हुए उनके खराब प्रदर्शन के बावजूद लगातार मौका देने का काम किया और धोनी अपनी कप्तानी में इस तरह के फैसले के लिए पहचाने भी जाते हैं, जो बहुत अधिक बदलाव करने में विश्वास नहीं करते हैं। कोहली के टेस्ट क्रिकेट में शुरुआती समय में खराब प्रदर्शन के बावजूद उन्हें लगातार खेलने का मौका मिलता रहा।

कोहली को धोनी का समर्थन मिलने के बावजूद ऑस्ट्रेलिया के इस दौरे पर उनका तीसरे टेस्ट में खेलने को लेकर संदेह की स्थिति पैदा हो गई थी। दरअसल सिडनी में खेले गए टेस्ट मैच के दौरान कोहली का मैदान में किया गया व्यवहार इसकी बड़ी वजह बना था। ऑस्ट्रेलिया में अक्सर विपक्षी टीम के खिलाड़ियों को मैच के दौरान फैंस का भी एक दबाव झेलना पड़ता है।

कोहली भी उस मैच में बाउंड्री लाइन पर फील्डिंग कर रहे थे और मैच देखने आए दर्शकों ने उन्हें उकसाना शुरू किया इस पर कोहली ने प्रतिक्रिया के तौर पर अपनी मिडिल फिंगर दर्शकों को दिखाते हुए उन्हें चुप रहने का इशारा किया। यह घटना अगले दिए सभी ऑस्ट्रेलियाई अखबारों में हेडलाइन के तौर पर छापी गई थी।

कोहली ने मैच रेफरी से लगाई गुहार

मैदान के अंदर मैच के दौरान कोहली के इस व्यवहार के अगले दिन कोहली को उस मैच में रेफरी रंजन मदुगले ने अपने कमरे में बुलाया। उन्होंने कोहली से इस घटना के बारे में जब पूछा तो इस पर कोहली ने कहा कि कल के दिन बाउंड्री पर कुछ नहीं हुआ। तुरंत मैच रैफरी ने कोहली की तरफ न्यूज पेपर फेंकते हुए उन्हें घटना की याद दिलाई।

विराट कोहली ने टाइम्स नाउ में छपी खबर में बताया कि मैच रैफरी ने जैसे ही पेपर में छपी उनकी फोटो को दिखाया तो उन्होंने तुरंत अपनी गलती को मानते हुए माफी मांगी और उनसे बैन ना लगाने की गुहार लगाई। बाद में मैच रैफरी ने भी उन्हें युवा समझकर माफी दे दी थी।