महिला आईपीएल के लिए फ्रेंचाइजियों की नीलामी से पहले खरीदारों को लुभाने में जुट गया है BCCI
बीसीसीआई किसी भी खिलाड़ी के एजेंट से WIPL के लिए मनोरंजक बातचीत नहीं करेगा।
अद्यतन - जनवरी 8, 2023 1:03 अपराह्न

महिला इंडियन प्रीमियर लीग (महिला आईपीएल) के पहले संस्करण के लिए तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने इस महीने की शुरुआत में महिला आईपीएल (WIPL) में टीमों के अधिकार और संचालन के लिए निविदा आमंत्रण (आईटीटी) जारी किया था।
अब महिला आईपीएल (WIPL) में टीमों के अधिकार के लिए इच्छुक पार्टियों के लिए बीसीसीआई द्वारा दिए गए आकर्षक ऑफर्स के साथ नियम और शर्तें सामने आई हैं दरअसल, बीसीसीआई ने कथित तौर पर महिला आईपीएल (WIPL) में फ्रेंचाइजी के अधिकार हासिल करने में रुचि रखने वाली पार्टियों के लिए एक आकर्षक सौदे की घोषणा की है, जिसके अनुसार फ्रेंचाइजी के मालिकों को पहले पांच वर्षों (2023-27) के लिए राजस्व का 80% हिस्सा दिया जाएगा।
BCCI ने WIPL टीमों को पहले 5 वर्षो तक 80 रेवेन्यू देने की पेशकश की
यह राजस्व बड़े पैमाने पर WIPL स्पॉन्सरशिप सौदों और मीडिया अधिकारों के माध्यम से आएगा, जिसकी नीलामी 16 जनवरी को होगी। इस बीच, महिला आईपीएल (WIPL) के शुरुआती पांच वषों तक फ्रेंचाइजियों के पक्ष में 80-20 के राजस्व-साझाकरण मॉडल को फॉलो किया जाएगा, जबकि यह अगले पांच वर्षों में 2033 से 2037 तक 60-40 और अंततः 50-50 होगा, जो पुरुषों के आईपीएल मॉडल के समान होगा।
वहीं दूसरी ओर, WIPL का पहला संस्करण इस साल मार्च में शुरू होने वाला है, जिसमें पांच टीमें हिस्सा लेगी, जबकि पहले तीन वर्षों के बाद इस लीग में एक और टीम को शामिल किया जाएगा। महिला आईपीएल के पहले सीजन के लिए खिलाड़ियों की नीलामी कथित तौर पर अगले महीने फरवरी में आयोजित की जानी है, जहां कैप्ड खिलाड़ियों के लिए बेस प्राइस 30 से 50 लाख रुपये और अनकैप्ड खिलाड़ियों के लिए 10 से 20 लाख रुपये के बीच रखा गया है।
आपको बता दें, बीसीसीआई ने साफ तौर पर कहा है कि वह किसी भी खिलाड़ी के एजेंट से WIPL के लिए मनोरंजक बातचीत नहीं करेगा, बल्कि बोर्ड इस मामले में सिर्फ राज्य संघों से सीधे तौर पर निपटेगा। अगर किसी भी खिलाड़ी द्वारा इस शर्त का उल्लंघन किया जाता है, तो उस खिलाड़ी का नाम नीलामी सूची से हटा दिया जाएगा।