WPL 2023 ऑक्शन: शुरुआती दौर में इन अनुभवी अंतरराष्ट्रीय कप्तानों को किसी भी फ्रेंचाइजी ने अपने खेमे में नहीं किया शामिल
मुंबई के जिओवर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में इस समय महिला प्रीमियर लीग 2023 का ऑक्शन चल रहा है।
अद्यतन - फरवरी 13, 2023 7:22 अपराह्न

मुंबई के जिओवर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में इस समय महिला प्रीमियर लीग 2023 का ऑक्शन चल रहा है। इस शानदार ऑक्शन में कई बेहतरीन खिलाड़ियों के ऊपर बोली लगाई गई है। भारतीय टीम की सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना के ऊपर अभी तक की सबसे बड़ी बोली लगी है। उनको रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने 3.40 करोड़ रुपए में अपनी टीम में शामिल किया। बता दें, स्मृति का बेस प्राइस 50 लाख रुपए था।
हालांकि सभी पांच फ्रेंचाइजियों ने कुछ बेहतरीन विदेशी खिलाड़ियों को अनदेखा कर दिया जो अपनी-अपनी राष्ट्रीय टीम की कप्तान है। फ्रेंचाइजियों की इस योजना ने सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। जहां एक तरफ भारतीय टीम की विस्फोटक बल्लेबाज हरमनप्रीत कौर को मुंबई इंडियंस ने 1.80 करोड़ रुपए में खरीदा वहीं वेस्टइंडीज की शानदार ऑलराउंडर हेली मैथ्यूज के ऊपर किसी भी फ्रेंचाइजी ने बोली नहीं लगाई। यह सच में हैरान कर देने वाला फैसला था क्योंकि मैथ्यूज ने अभी तक अपने टी-20 करियर में लगभग 1500 रन बनाए हैं और 74 विकेट भी झटके हैं।
वेस्टइंडीज की कप्तान के बाद इंग्लैंड की अनुभवी कप्तान हीथर नाइट भी अनसोल्ड गई। टी-20 फॉर्मेट में नाइट का अनुभव काफी ज्यादा है। उन्होंने इस प्रारूप में 1500 से ज्यादा रन जड़े हैं लेकिन इसके बावजूद किसी भी फ्रेंचाइजी ने उन्हें अपने खेमे में शामिल नहीं किया।
दक्षिण अफ्रीका और श्रीलंका की कप्तान भी गई अनसोल्ड
नाइट के बाद दक्षिण अफ्रीका की कप्तान सुने एले लुस को भी सभी फ्रेंचाइजियों ने अनदेखा कर दिया। लुस के पास भी टी-20 प्रारूप का काफी अनुभव है। उन्होंने अभी तक 97 टी-20 मैचों में 1000 से ज्यादा रन बनाए हैं जबकि 49 विकेट भी झटके हैं।
सिर्फ दक्षिण अफ्रीका की कप्तान ही नहीं बल्कि श्रीलंका की कप्तान चमारी अट्टापट्टू को भी अभी तक इस ऑक्शन में नजरअंदाज कर दिया गया है। अट्टापट्टू श्रीलंका की सबसे अनुभवी बल्लेबाज है और हाल ही में उन्होंने महिला टी-20 वर्ल्ड कप 2023 में अपनी शानदार बल्लेबाजी की बदौलत दक्षिण अफ्रीका को मात दी थी। श्रीलंकाई कप्तान ने इस मैच में 50 गेंदों में 12 चौकों की मदद से 68 रन की पारी खेली और अपनी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।
भले ही इन चारों अंतरराष्ट्रीय कप्तानों को उनके-उनके चरण में अनदेखा कर दिया गया हो लेकिन अभी भी अगला राउंड होना बचा है और सभी फ्रेंचाइजियों की नजर इन खिलाड़ियों के ऊपर जरूर होगी। कुछ फ्रेंचाइजियों को अपना-अपना कप्तान मिल चुका है लेकिन बची हुई टीमें इन खिलाड़ियों के ऊपर बोली लगा सकती है।