टीम इंडिया में एंट्री के बाद ऋषभ पंत के संघर्षों का युजवेंद्र चहल ने किया खुलासा - क्रिकट्रैकर हिंदी

टीम इंडिया में एंट्री के बाद ऋषभ पंत के संघर्षों का युजवेंद्र चहल ने किया खुलासा

बतौर खिलाड़ी पिछले कुछ सालों में काफी परिपक्व हुए हैं ऋषभ पंत: चहल

MS Dhoni Rishabh Pant Dilip Vengsarkar
MS Dhoni and Rishabh Pant. (Photo Source: Twitter)

ऋषभ पंत ने काफी जल्दी अंतरराष्ट्रीय करियर में बड़ा नाम बनाया है। अपने छोटे से करियर में उन्होंने कई बड़े-बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं और इसी वजह से वो अब टीम इंडिया के सबसे भरोसेमंद विकेटकीपर-बल्लेबाज बन गए हैं। उनसे पहले भारतीय टीम में विकेटकीपिंग का भार महेंद्र सिंह धोनी संभालते थे, जिसके कारण पंत के लिए इस जगह को भरना कोई आसान काम नहीं होना वाला था।

इसी क्रम में हाल ही में टीम इंडिया के लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि ऋषभ पंत को भारतीय टीम में आने के बाद किस प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

पंत को लेकर युजवेंद्र चहल ने कही कुछ हैरान करने वाली बातें

SGTV से बातचीत करते हुए चहल ने बताया कि, “दरअसल, सभी लोग चाहते थे कि पंत धोनी जैसे बने। जिस तरह धोनी विकेटकीपिंग करते थे, उसी तरह वो भी करें। मुझे अभी भी याद है कि जब भी उनसे कोई कैच छूट जाता था या DRS गलत हो जाता था, तब पूरा ग्राउंड धोनी-धोनी शोर करने लगता था। इस वजह से बच्चे (पंत) पर काफी दबाव था क्योंकि उस समय वो महज 19-20 साल के थे। हम लोग हमेशा उन्हें समझाते थे कि इन सब बातों को नजरंदाज कर क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित करें।”

युजवेंद्र चहल ने बातचीत में ये भी बताया कि पंत ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शानदार वापसी की और अब वो एक खिलाड़ी के तौर पर काफी परिपक्व हो गए हैं। उन्होंने तीनों फॉर्मेट में खुद को साबित किया है। इसी साल ब्रिसबेन के मैदान पर खेले गए बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के आखिरी टेस्ट में मैच जिताऊ पारी खेलने के बाद उनके करियर में अलग ही उछाल देखने को मिला है।

चहल ने कहा कि, “उसने शानदार वापसी की है। उसमें काफी सुधार हुआ है और बतौर खिलाड़ी पहले से अधिक परिपक्व हुए हैं। उसका प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है और लोगों को समझना होगा कि जब भी कोई खिलाड़ी मैदान पर होता है तो वो अपना शत-प्रतिशत देता है। कोई भी खिलाड़ी खराब प्रदर्शन नहीं करना चाहता है इसलिए लोगों को उन्हें (खिलाड़ी) थोड़ी इज्जत देनी चाहिए।”