3 मौके जब बीच मैदान फूटा वैभव सूर्यवंशी का गुस्सा

3 मौके जब बीच मैदान फूटा वैभव सूर्यवंशी का गुस्सा

कम उम्र में बड़ी सफलता, लेकिन गुस्से ने भी वैभव सूर्यवंशी को कई बार बनाया चर्चा का विषय

 Vaibhav Sooryavanshi (Image credit Twitter - X)
Vaibhav Sooryavanshi (Image credit Twitter – X)

भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी ने बेहद कम उम्र में अपनी प्रतिभा से सभी को प्रभावित किया है। आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने ऑरेंज कैप, मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर और इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन जैसे बड़े पुरस्कार अपने नाम किए। हालांकि, मैदान पर उनका आक्रामक स्वभाव कई बार चर्चा का विषय भी बना है।

सिर्फ 15 साल की उम्र में मिली लोकप्रियता और उम्मीदों का दबाव कभी-कभी उनके व्यवहार में भी दिखाई दिया है। आइए उन 3 घटनाओं पर नजर डालते हैं, जब वैभव बीच मैदान पर अपना आपा खो बैठे:

1. एशिया कप राइजिंग स्टार्स 2025 का सेमीफाइनल

भारत ए और बांग्लादेश के बीच खेले गए रोमांचक सेमीफाइनल मुकाबले में मैच सुपर ओवर तक पहुंच गया था। उस समय भारतीय कप्तान ने वैभव को बल्लेबाजी के लिए नहीं भेजा और दूसरे बल्लेबाजों पर भरोसा जताया।

इस फैसले से युवा बल्लेबाज स्पष्ट रूप से नाराज नजर आए। कैमरे में उनकी निराशा और गुस्सा साफ दिखाई दिया। यह उन शुरुआती मौकों में से एक था जब मैदान पर उनका भावनात्मक पक्ष खुलकर सामने आया।

2. अंडर-19 एशिया कप फाइनल में विवाद

2025 अंडर-19 एशिया कप फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ वैभव ने तेज शुरुआत की थी, लेकिन जल्दी आउट हो गए। विकेट लेने के बाद गेंदबाज के जश्न से वह खुश नहीं दिखे।

पवेलियन लौटते समय उन्होंने विरोधी खिलाड़ी की ओर इशारा किया, जिसे खेल भावना के अनुरूप नहीं माना गया। यह घटना काफी चर्चा में रही और कई क्रिकेट विशेषज्ञों ने युवा खिलाड़ियों को संयम बनाए रखने की सलाह दी।

3. श्रीलंका ए के खिलाफ तीखी बहस

सबसे हालिया घटना जून 2026 में श्रीलंका ए के खिलाफ ट्राई-नेशन सीरीज के दौरान हुई। भारत ए को सुपर ओवर में हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद मैदान पर तनाव बढ़ गया। हार के बाद वैभव और श्रीलंका के खिलाड़ी के बीच तीखी बहस हुई। मामला इतना बढ़ गया कि दोनों खिलाड़ियों को अलग करना पड़ा। इस घटना ने एक बार फिर उनके गुस्से और भावनाओं पर नियंत्रण को लेकर सवाल खड़े कर दिए।

खैर, वैभव सूर्यवंशी के पास असाधारण प्रतिभा है और उनका भविष्य बेहद उज्ज्वल माना जा रहा है। लेकिन क्रिकेट में केवल प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि मैदान पर व्यवहार भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है।

उम्र और अनुभव के साथ उनसे उम्मीद होगी कि वे अपनी भावनाओं पर बेहतर नियंत्रण रखते हुए अपनी ऊर्जा को खेल में लगाएं और भारतीय क्रिकेट के बड़े सितारे बनकर उभरें।

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