3 कारण जिसकी वजह से ध्रुव जुरेल इंग्लैंड के खिलाफ जारी टेस्ट सीरीज में भारत की सबसे बड़ी खोज रहे हैं - क्रिकट्रैकर हिंदी

3 कारण जिसकी वजह से ध्रुव जुरेल इंग्लैंड के खिलाफ जारी टेस्ट सीरीज में भारत की सबसे बड़ी खोज रहे हैं

चौथे टेस्ट मैच में 90 रनों की शानदार पारी खेली है जुरेल ने

Dhruv Jurel (Image Credit- Twitter X)
Dhruv Jurel (Image Credit- Twitter X)

भारत और इंग्लैंड (IND vs ENG) के बीच जारी रोमांचक टेस्ट सीरीज में युवा विकेटकीपर बल्लेबाज ध्रुव जरेल (Dhruv Jurel) का नाम एक भरोसेमंद बल्लेबाज के रूप में सामने आया है। बता दें कि रांची में जारी चौथे टेस्ट मैच में जुरेल की 90 रनों की पारी ने भारत को मैच में पिछड़ने से बचाया है।

तो हम आज इस आर्टिकल में ऐसे तीन बड़े कारणों के बारे में बात करने जा रहे हैं, जो यह साबित करने में काफी हैं कि जुरेल इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भारत की सबसे बड़ी खोज के रूप में सामने आए हैं। तो आइए इन तीन बड़ी वजहों को जानते हैं-

3. विकेटकीपिंग का हुनर

साउथ अफ्रीका दौरे पर केएल राहुल विकेटकीपर की भूमिका में नजर आए थे, लेकिन भारत को भारत में एक स्पेशलिस्ट विकेटकीपर की तलाश थी। रविचंद्रन अश्विन, रविंद्र जडेजा और कुलदीप यादव की घूमती हुई गेंदों को पकड़ने के लिए विकेट के पीछे एक तेज-तर्रार हाथों की जरूरत थी।

जो हम इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में ध्रुव जुरेल के प्रदर्शन को देखकर कह सकते हैं कि वह पूरी हो गई है। हालांकि, भारतीय मैनेजमेंट ने पहले दो टेस्ट मैचों केएस भरत को मौका दिया था, लेकिन बल्लेबाजी में औसत प्रदर्शन के बाद ध्रुव को तीसरे टेस्ट मैच में मौका मिला, जिसे उन्होंने दोनों हाथों से पकड़ा है। विकेट के पीछे वह शानदार काम कर रहे हैं।

2. बल्ले से शानदार प्रदर्शन

ध्रुव जुरेल ने अब तक टेस्ट सीरीज में दो बार बल्लेबाजी की है और अपनी सुव्यवस्थित बल्लेबाजी स्किल और अच्छी तकनीक से सभी को खासा प्रभावित किया है। हालांकि, अपने डेब्यू मैच में वह बड़ी पारी नहीं खेल पाए थे, लेकिन फिर भी उन्होंने 104 गेंदों में 46 रनों की पारी खेली, जो एक डेब्यू कर रहे खिलाड़ी के लिए बेस्ट बाॅलिंग अटैक के सामने काफी ज्यादा शानदार थी।

जुरेल जो आईपीएल में अपने आक्रामक प्रदर्शन के लिए जाने जाते हैं। उनके द्वारा रांची टेस्ट मैच में खेली गई 90 रनों की पारी यह दर्शाती है कि वह स्थिति के अनुसार बल्लेबाजी कर सकते हैं। जुरेल खुद को परिस्थिति के अनुसार भी आसानी से ढालते हुए नजर आए हैं। साझेदारी वाली स्थिति में उन्होंने साझेदारी की, और जब विकेट तेजी से गिर रहे थे तो वह तेजी रन बनाने से भी परहेज नहीं किया।

1. दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता

इंग्लैंड के खिलाफ जारी टेस्ट सीरीज के दो मैचों में उनकी बल्लेबाजी को देखने के बाद, हर कोई इस बात को पहचान सकता है कि इस खिलाड़ी में दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता कूट-कूट के भरी है। इंग्लैंड जैसी वर्ल्ड क्लास टीम के सामने डेब्यू करना एक डेब्यूटेंट के लिए हमेशा एक दबाव वाला क्षण रहता है, लेकिन जुरेल ने इस दबाव को शानदार तरीके से सोखा है।

दबाव वाली स्थिति में जुरेल की शांत रहने वाली क्षमता उनकी मानसिक स्थिति और परिपक्वता को दर्शाती है। किसी खिलाड़ी के शुरूआती करियर में अगर किसी को यह क्षमताएं नजर आएं, तो वह निश्चित रूप से कह सकता है कि जुरेल एक लंबी रेस के घोड़े होने वाले हैं।

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