AUS vs IND 2025: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे में संजू की जगह जुरेल क्यों हैं बेहतर विकल्प, जानिए 3 बड़े कारण
संजू सैमसन की जगह जुरेल को मौका देकर चयनकर्ताओं ने दिखाया कि भविष्य अब युवाओं के हाथों में है।
अद्यतन - Oct 6, 2025 10:40 pm

भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए टीम में युवा विकेटकीपर बल्लेबाज ध्रुव जुरेल को शामिल किया है, जबकि अनुभवी संजू सैमसन को बाहर कर दिया है। यह फैसला भले ही कुछ लोगों को चौंकाने वाला लगे, लेकिन इसके पीछे टीम मैनेजमेंट के कुछ ठोस कारण हैं। तो आइए उन 3 बड़े व महत्वपूर्ण कारणों को जानते हैं जिस वजह से मैनेजमेंट ने संजू की जगह जुरेल को चुना:
1. भूमिका और लचीलापन
मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने यह साफ किया कि जुरेल को इसलिए चुना गया क्योंकि वे टीम के मध्यक्रम नंबर 5-6 के लिए बेहतर विकल्प हैं। संजू सैमसन ने ज्यादातर समय ऊपरी क्रम में बल्लेबाजी की है फिर चाहे यह टी20 हो आईपीएल। वहीं जुरेल ने कई मौकों पर मध्यक्रम भूमिका निभाई हुई है।
चूंकि भारत की टॉप 4 बल्लेबाज लगभग तय माने जाते हैं , इसलिए शेष बल्लेबाजों को मिडिल ऑर्डर में उतरना होगा। इस स्थिति में जुरेल इस भूमिका में बेहतर फिट दिखते हैं।
2. हालिया फॉर्म और अहम मैचों में प्रदर्शन
जहाँ संजू सैमसन 2025 में निरंतर प्रदर्शन की समस्या से जूझ रहे हैं, वहीं जुरेल ने हाल ही में शानदार प्रदर्शन किया है। सैमसन ने T20I में इस साल 12 मैच खेले और उनका औसत केवल 20.33 रहा, स्ट्राइक रेट करीब 122.81। इसके विपरीत, जुरेल ने विंडीज के खिलाफ टेस्ट मैच में बेहतरीन शतक लगाया और इस साल टेस्ट मैचों में उनका औसत लगभग 60 था।
आईपीएल 2025 में भी जुरेल ने राजस्थान रॉयल्स के लिए 14 मैचों में 333 रन बनाए, स्ट्राइक रेट लगभग 156.33 रहा। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि जुरेल इस समय बेहतर फॉर्म में हैं, और दबाव की स्थिति में शांत दिमाग से खेलने की क्षमता रखते हैं।
3. बेहतरीन घरेलू आंकड़े
बहुत लोगों का यह मानना है कि जुरेल सिर्फ टेस्ट या लाल गेंद क्रिकेट में अच्छा खिलाड़ी हैं, लेकिन उनके घरेलू और लिस्ट-A मैचों के आंकड़े इस धारणा को चुनौती देते हैं। लिस्ट A मुकाबलों में, संजू सैमसन ने लगभग 128 मैचों में औसत 33.85 और स्ट्राइक रेट 90.21 बनाए हैं। वहीं जुरेल ने 10 लिस्ट A मैचों में औसत 47 से ज्यादा की औसत व 92.19 के स्ट्राइक रेट से बन बनाए हैं।
साथ ही, जुरेल को ऑस्ट्रेलिया की परिस्थितियों में बल्लेबाजी करने का अनुभव है। वह बॉर्डर गावस्कर श्रृंखला में ऑस्ट्रेलिया की पिचों पर खेले थे। यह अनुभव आगामी वनडे सीरीज में उनकी मदद कर सकता है।