5 बड़े कारण जिसकी वजह से रविचंद्रन अश्विन ने इंटरनेशनल क्रिकेट को कहा अलविदा
आइए इन कारणों के बारे में जानते हैं
अद्यतन - Dec 18, 2024 6:29 pm

अनुभवी ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) ने आज 18 दिसंबर को इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट की घोषणा कर दी है। अश्विन ने करीब 14 साल चले अपने इंटरनेशनल क्रिकेट करियर को, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जारी बाॅर्डर-गावस्कर ट्राॅफी टेस्ट सीरीज के तीसरे मैच के बाद, विराम देने का फैसला किया।
तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई से आने वाले अश्विन ने आईपीएल के जरिए भारतीय क्रिकेट टीम में जगह बनाई थी। क्रिकेट में अपने शुरुआती दिनों में अश्विन एक बल्लेबाज थे, लेकिन कोच की सलाह पर वह ऑफ स्पिनर बने और बाकी फिर इतिहास गवाह है। वह भारत की ओर से टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज 50 लेकर 500 विकेट लेने वाले एकमात्र गेंदबाज हैं।
साथ ही वह टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले में अनिल कुंबले (619) के बाद दूसरे नंबर पर हैं। जून 2010 में श्रीलंका के खिलाफ डेब्यू करने वाले अश्विन ने भारतीय क्रिकेट टीम के लिए 106 टेस्ट, 116 वनडे और 65 टी20 मैच खेले हैं। इस दौरान अनुभवी ऑफ स्पिनर ने टेस्ट में 537, वनडे में 156 और टी20 में 72 विकेट अपने नाम किए हैं।
खैर, इस खबर के माध्यम से हम आपको उन 5 बड़े कारणों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसकी वजह से अश्विन ने इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहा। तो आइए इन कारणों के बारे में जानते हैं:
5 कारण जिसकी वजह से Ravichandran Ashwin ने लिया संन्यास
5. उम्र

रविचंद्रन अश्विन की उम्र एक बड़ा फैक्टर रही, जिसकी वजह से उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट को जल्दी अलविदा कहने का फैसला किया है। रिटायरमेंट की घोषणा के समय अश्विन की उम्र 38 साल, तीन महीने और 1 दिन की थी। इस उम्र तक कुछ एक को छोड़ दें, तो क्रिकेटर टेस्ट क्रिकेट को तो अलविदा कह ही देते हैं।
इसके अलावा वह शायद इस उम्र की वजह से टीम में मौजूद, युवा खिलाड़ियों से फील्डिंग और बाकी मामलों में खुद को कमजोर समझ रहे होंगे, जिस वजह से उन्होंने रिटायरमेंट की घोषणा की। हालांकि, इस घोषणा के समय अश्विन खेल के सबसे बड़े फाॅर्मेट में गेंदबाजी में पांचवीं और ऑलराउंडर श्रेणी में तीसरी पोजिशन पर काबिज थे।