पांच बार जब आईपीएल के बीच में ही कप्तान को उनके पद से हटाया गया
कई खिलाड़ी ऐसे भी हैं, जिनकी कप्तानी काफी निराशाजनक रही और उनकी आईपीएल फ्रेंचाइजी ने उन्हें संस्करण के बीच में ही उनके पद से हटा दिया।
अद्यतन - Apr 4, 2025 11:18 pm

आईपीएल के हर सीजन में सभी टीमों की ओर से शानदार प्रदर्शन देखने को मिलता है। वे अपने अच्छे क्रिकेट से तमाम फैंस का दिल जीतते हैं। आईपीएल के इस संस्करण में भी अभी तक काफी अच्छा क्रिकेट देखने को मिला है।
ऐसे कई खिलाड़ी हैं, जिन्होंने आईपीएल में दमदार कप्तानी करते हुए अपनी टीम को जीत दिलाई है। हालांकि, कई खिलाड़ी ऐसे भी हैं, जिनकी कप्तानी काफी निराशाजनक रही और उनकी आईपीएल फ्रेंचाइजी ने उन्हें संस्करण के बीच में ही कप्तानी पद से हटा दिया। आज हम आपको ऐसे ही पांच आईपीएल कप्तानों के बारे में बताते हैं।
1- रवींद्र जडेजा

आईपीएल 2022 के दौरान रवींद्र जडेजा को चेन्नई सुपर किंग्स का कप्तान नियुक्त किया गया था। हालांकि, चेन्नई सुपर किंग्स का प्रदर्शन धाकड़ ऑलराउंडर की कप्तानी में काफी निराशाजनक रहा और उन्होंने आठ मैच में सिर्फ दो में ही जीत दर्ज की।
2- शिखर धवन

इंडियन प्रीमियर लीग 2014 के दौरान सनराइजर्स हैदराबाद ने शिखर धवन को अपनी टीम का कप्तान नियुक्त किया था। हालांकि, शिखर धवन पूरे सीजन कप्तानी नहीं कर पाए और डेरेन सैमी ने उन्हें रिप्लेस किया। शिखर धवन की कप्तानी में सनराइजर्स हैदराबाद ने 10 मैच में सिर्फ चार में ही जीत दर्ज की थी।
डेरेन सैमी के कप्तान बनने के बाद शिखर धवन सनराइजर्स हैदराबाद टीम से एक खिलाड़ी के रूप में ही जुड़े रहे और उन्होंने काफी अच्छी बल्लेबाजी की।
3- डेविड वॉर्नर

आईपीएल 2021 के दौरान जब सनराइजर्स हैदराबाद ने डेविड वॉर्नर को कप्तान के पद से हटाया था, तब फ्रेंचाइजी की काफी आलोचना हुई थी। डेविड वॉर्नर की कप्तानी में टीम ने पहले हाफ में निराशाजनक प्रदर्शन किया था।
4- अजिंक्य रहाणे

अजिंक्य रहाणे को राजस्थान रॉयल्स टीम का कप्तान तब नियुक्त किया गया था, जब स्टीव स्मिथ के ऊपर 2018 में 1 साल का कप्तानी का बैन लगाया गया था।
हालांकि, अजिंक्य रहाणे की कप्तानी काफी खराब रही थी और राजस्थान रॉयल्स को उस पूरे सीजन में काफी परेशान होते हुए देखा गया था।
5- डेविड मिलर

डेविड मिलर को आईपीएल 2016 के दौरान किंग्स XI पंजाब टीम की कप्तानी पद से हटा दिया गया था। यह फैसला तब लिया गया जब फ्रेंचाइजी उनकी कप्तानी में पांच मैच में सिर्फ एक मैच में ही जीत दर्ज कर पाई थी।
इसके बाद पंजाब फ्रेंचाइजी ने डेविड मिलर की जगह मुरली विजय को कप्तान नियुक्त किया। हालांकि, टीम का निराशाजनक प्रदर्शन आगे भी जारी रहा।