एमएस धोनी को अपना दोस्त बताते हुए हरभजन ने BCCI पर लगाया बड़ा आरोप
टीम इंडिया के लिए हरभजन ने अपना आखिरी मैच मार्च 2016 में खेला था।
अद्यतन - Jan 31, 2022 4:18 pm

हरभजन सिंह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले बेहतरीन स्पिनरों में से एक रहे हैं। 24 साल के अपने शानदार क्रिकेट करियर में, ऑफ स्पिनर ने देश के लिए कई मैच जिताने वाले प्रदर्शन किए हैं और कई व्यक्तिगत पुरस्कार भी जीते हैं। उनका ऑन-फील्ड करियर उतार-चढ़ाव से गुजरा और विवादों का भी एक अच्छा नाता रहा।
पिछले महीने अपनी रिटायरमेंट के बाद, हरभजन सिंह ने कहा था कि उन्हें अपने करियर के अंतिम पड़ाव के दौरान भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से समर्थन नहीं मिला और कुछ ‘बाहरी ताकतों’ ने उन्हें टीम में वापसी करने का मौका नहीं दिया। उसके बाद ये अटकलें लगाई जा रही थी कि धोनी और उनके बीच में कुछ ठीक नहीं है, और उसी पर अब भज्जी ने बड़ा बयान दिया है।
सेलेक्टर्स ने टीम को कभी एकजुट नहीं होने दिया- हरभजन सिंह
न्यूज 18 से बातचीत के दौरान हरभजन सिंह ने कहा कि, “बिल्कुल भी नहीं, मेरी धोनी से कोई शिकायत नहीं है। हम दोनों काफी अच्छे दोस्त रहे हैं। मेरी शिकायत उस समय की सरकार से है। बीसीसीआई को मैं सरकार कहता हूं। उस समय के चयनकर्ताओं ने अपने रोल के साथ न्याय नहीं किया। उन्होंने टीम को एक जुट तक नहीं रहने दिया।”
भज्जी ने आगे कहा कि, “देखिए हर कोई एक बयान का मतलब अलग तरीके से निकाल लेता है। मेरा बस यही कहना था कि 2012 के बाद बहुत सारी चीजें थी जो बेहतर हो सकती थीं। वीरेंद्र सहवाग, मैं, युवराज सिंह और गौतम गंभीर, हम सभी आईपीएल में खेल रहे थे और भारत के लिए खेलते हुए, संन्यास ले सकते थे। यह बड़ा अजीब लगता है कि हम 2011 विश्व कप के बाद से दोबारा कभी साथ में नहीं खेलें। क्यों?, उनमें से कुछ ही खिलाड़ी 2015 के विश्व कप में खेलते हुए नजर आए थे।”
हरभजन सिंह भारतीय टीम की जर्सी में आखिरी बार साल 2016 में नजर आए थे, जहां पर उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था, जिसकी वजह से जब उन्हें टीम से ड्रॉप किया गया तो वो उसके बाद से कभी भी वापसी नहीं कर सके।