सबको लगता था कि मैं पहले से ही सोचकर मैदान पर उतरता था कि मुझे पहली गेंद पर चौका जड़ना है: वीरेंद्र सहवाग
अगर ऋषभ पंत सिर्फ वनडे और टी-20 मुकाबले ही खेलेंगे तो उनको कोई याद नहीं रखेगा लेकिन अगर वो टेस्ट में 100 से ज्यादा मुकाबले खेल लेते हैं तो उनका नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाएगा।
अद्यतन - मई 27, 2022 6:34 अपराह्न

भारत के पूर्व ताबड़तोड़ बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट खेल ही असली फॉर्मेट एक खिलाड़ी को पूरी तरह से परखने का होता है। बता दें, सहवाग ने टेस्ट क्रिकेट में 49.34 के औसत और 82.23 के स्ट्राइक रेट से 8586 रन बनाए हैं। वहीं वनडे में 35.05 के औसत और 104.33 के स्ट्राइक रेट से 8273 रन बनाए हैं।
सहवाग ने हाल ही में लॉन्च हुए स्पोर्ट्स18 के होम ऑफ हीरोज में संजय मांजरेकर से कहा कि, ‘मुझे लगता है कि टेस्ट क्रिकेट इस खेल का सर्वश्रेष्ठ फॉर्मेट है।’ उनका मानना है कि अगर ऋषभ पंत सिर्फ वनडे और टी-20 मुकाबले ही खेलेंगे तो उनको कोई याद नहीं रखेगा।
लेकिन अगर वो टेस्ट में 100 से ज्यादा मुकाबले खेल लेते हैं तो उनका नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाएगा। अभी तक सिर्फ 11 ही ऐसे भारतीय खिलाड़ी हैं जिन्होंने ये कारनामा किया है और सभी को उन 11 खिलाड़ियों का नाम पता है।
लोगों को लगता था कि मैं हमेशा सोचकर आता था कि मुझे पहली गेंद पर चौका मारना है लेकिन ऐसा है नहीं: वीरेंद्र सहवाग
उन्होंने आगे कहा कि, जहां एक तरफ छोटे प्रारूप आकर्षक होते हैं और तत्काल रिजल्ट देते हैं वहीं दूसरी तरफ तमाम खिलाड़ी चाहते हैं कि वो टेस्ट मुकाबले खेल सकें। आप खुद बताइए कि विराट कोहली टेस्ट क्रिकेट खेलने के लिए इतना बेताब क्यों रहते हैं। क्योंकि उनको पता है कि अगर वो 100 या 150 या 200 मुकाबले खेल लेते हैं तो उनका नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि, बहुत से लोगों ने और यहां तक कि सचिन तेंदुलकर ने भी कहा कि मैं हमेशा सोचकर आता था कि मुझे पहली गेंद पर चौका मारना है लेकिन ऐसा है नहीं। मैंने कभी ये नहीं सोचा। बता दें,सहवाग टेस्ट की एक पारी में दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा चौके लगाने वाले खिलाड़ी है और वनडे में तीसरे नंबर पर। उन्होंने कहा कि मैं पहली गेंद पर को ये सोचकर मारता था कि पहली गेंद गेंदबाज आराम से डालेगा या उसकी भी ये वार्मअप डिलीवरी होगी।