टी-20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम को बुमराह की कमी काफी खल सकती है, क्योंकि उनका कोई रिप्लेसमेंट नहीं है – वसीम जाफर
'भारतीय मैनेजमेंट ने जसप्रीत बुमराह को ऑस्ट्रेलिया सीरीज में खिलाकर काफी गलत काम किया। वो अपनी चोट से उबर रहे थे और उन्हें थोड़ा और समय देना चाहिए था': वसीम जाफर
अद्यतन - सितम्बर 30, 2022 1:04 अपराह्न

टी-20 वर्ल्ड कप 2022 को शुरू होने में अब बस 2 हफ्ते बचे हैं और इससे पहले ही भारतीय टीम को तगड़ा झटका लगा है। टीम के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ऑस्ट्रेलिया में होने वाले इस मुख्य टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। बता दें, पीठ में स्ट्रेस फ्रैक्चर की वजह से वो इस टूर्नामेंट में खेलते हुए नहीं दिखाई देंगे। इसी को लेकर भारत के पूर्व ओपनर वसीम जाफर का मानना है कि भारतीय तेज गेंदबाज का कोई भी योग्य विकल्प नहीं है और अगर उनकी जगह कोई ले सकता है तो वो सिर्फ और सिर्फ मोहम्मद शमी है।
वसीम जाफर ने कहा कि टी-20 वर्ल्ड कप में बुमराह की कमी जरूर खलेगी और मौजूदा टीम में ऐसा कोई भी तेज गेंदबाज नहीं है जो डेथ ओवरों में उनके जितनी अच्छी गेंदबाजी कर सके। उनके मुताबिक बुमराह की जगह शमी को खिलाया जा सकता है लेकिन अंतिम ओवरों की चिंता भारतीय टीम में तब भी बनी रहेगी।
वसीम जाफर ने ESPN क्रिकइंफो से कहा कि, ‘मुझे नहीं लगता कि हमारे पास बुमराह का विकल्प है। वो भारतीय टीम के सबसे महत्वपूर्ण तेज गेंदबाज हैं और उनकी कमी जरूर खलेगी। हमारे पास बुमराह जितना बेहतरीन गेंदबाज नहीं है जो पावरप्ले और डेथ ओवरों में अच्छी गेंदबाजी कर सके। लेकिन मुझे लगता है कि जसप्रीत की जगह अगर कोई ले सकता है तो वो मोहम्मद शमी है, लेकिन शमी के साथ भी डेथ गेंदबाजी चिंता का विषय है। भारतीय टीम को यह सबसे तगड़ा झटका लगा है।’
ऑस्ट्रेलिया सीरीज में टीम ने जसप्रीत बुमराह को खिलाकर काफी जल्दबाजी की: वसीम जाफर
जुलाई में खेले गए भारत के इंग्लैंड दौरे के बाद बुमराह ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीनों मुकाबलों की टी-20 सीरीज में वापसी की। उन्होंने चोट की वजह से एशिया कप 2022 में भी हिस्सा नहीं लिया था।
जसप्रीत बुमराह अपनी चोट से ठीक हो रहे थे और उन्हें टी-20 वर्ल्ड कप की टीम में शामिल कर लिया गया। वसीम जाफर का मानना है कि मैनेजमेंट को भारतीय तेज गेंदबाज को ऑस्ट्रेलिया सीरीज में नहीं खिलाना चाहिए था।
वसीम जाफर ने आगे कहा कि, ‘भारतीय मैनेजमेंट ने जसप्रीत बुमराह को ऑस्ट्रेलिया सीरीज में खिलाकर काफी गलत काम किया। वो अपनी चोट से उबर रहे थे और उन्हें थोड़ा और समय देना चाहिए था। हमें नहीं पता है कि चोट कितनी गंभीर है। जल्दबाजी की वजह से भारतीय टीम ने खुद के पैर में ही कुल्हाड़ी मार ली।’