'अगर 2023 वर्ल्ड कप जीतना है तो शिखर धवन को....'- सबा करीम की भारत को अहम सलाह - क्रिकट्रैकर हिंदी

‘अगर 2023 वर्ल्ड कप जीतना है तो शिखर धवन को….’- सबा करीम की भारत को अहम सलाह

भारत को शिखर धवन नहीं बल्कि ईशान किशन जैसे सलामी बल्लेबाजों की जरुरत है!

Saba Karim and Shikhar Dhawan (Image Source: Twitter)
Saba Karim and Shikhar Dhawan (Image Source: Twitter)

पूर्व भारतीय चयनकर्ता सबा करीम ने भारत की वनडे टीम में शिखर धवन की जगह को लेकर चौंकाने वाला बयान दिया है। सबा करीम का मानना है कि अगर शिखर धवन को आगामी आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप 2023 के लिए चुना जाता है, तो शायद भारत के खाते में इस बार भी आईसीसी ट्रॉफी न आए।

पूर्व भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ने अपने बयान पर स्पष्टीकरण देते हुए आगे कहा कि भारतीय क्रिकेट टीम अगर 300 रनों तक के टोटल का लक्ष्य रखती है, तो वे शिखर धवन को 2023 वर्ल्ड कप स्क्वॉड में शामिल कर सकती है, लेकिन अगर उन्हें 325-350 रन बनाने हैं, तो अनुभवी सलामी बल्लेबाज के साथ मुमकिन नहीं है, जो कि आधुनिक युग में वनडे मैचों में जीत के लिए आवश्यक है।

शिखर धवन को 2023 वर्ल्ड कप में खेलते हुए देखना नहीं चाहते सबा करीम

उन्होंने कहा आज के युग में भारत को वर्ल्ड कप जीतने के लिए ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव, शुभमन गिल और पृथ्वी शॉ जैसे सलामी बल्लेबाजों की जरुरत है। सबा करीम ने News18 के हवाले से कहा यह पूरी तरह से भारतीय टीम प्रबंधन पर निर्भर करता है कि वे किस तरह की क्रिकेट खेलना चाहते हैं। अगर वे अभी भी मानते हैं कि 275-300 रनों के साथ टीम मैच जीत सकती है, तो फिर शिखर धवन की जगह कोई नहीं ले सकता, क्योंकि वह अभी भी इतने रनों के लिए अहम योगदान देने का दम रखते हैं।

हां, ये अलग बात है कि धवन ने बांग्लादेश में रन नहीं बनाए हैं, लेकिन अगर आप उन्हें दोबारा मौका देते हैं यह कहते हुए कि हमें 275-300 रनों का ही स्कोर करना है, तो फिर उनकी जगह आगामी वर्ल्ड कप 2023 के स्क्वॉड में पक्की है। लेकिन अगर भारत को लगता है कि उन्हें जीत के लिए 325-350 रन बनाने होंगे, तो धवनको जगह नहीं मिल पाएगी। मुझे लगता है कि धवन का चयन चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन, कप्तान और उनकी अपेक्षाओं पर निर्भर करेगा।

अगर वे ये सोच रहे हैं कि शिखर धवन 350 रनों के मैच में 130-140 के स्ट्राइक रेट से बड़ी पारी खेलेंगे, तो ऐसा नहीं होने वाला है। मुझे लगता है कि हम व्हाइट-बॉल क्रिकेट में दो से तीन साल पीछे हैं, और अगर हमें आज के हिसाब से चलना है, तो हमें नए खिलाड़ियों जैसे ईशान किशन, शुभमन गिल, सूर्यकुमार यादव, रुतुराज गायकवाड़ और पृथ्वी शॉ की जरूरत होगी।

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