ऋषभ पंत के लिए मसीहा बनकर आए सुशील कुमार ने सुनाई एक्सीडेंट के बाद की पूरी कहानी - क्रिकट्रैकर हिंदी

ऋषभ पंत के लिए मसीहा बनकर आए सुशील कुमार ने सुनाई एक्सीडेंट के बाद की पूरी कहानी

दुर्घटना स्थल पर पहुंचने वाले पहले व्यक्ति ने बताया उन्होंने मदद के लिए आवाज लगाई लेकिन कोई नहीं आया।

Rishabh Pant (Image Source: Twitter/Getty Images)
Rishabh Pant (Image Source: Twitter/Getty Images)

भारत के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत 30 दिसंबर की सुबह एक भयानक कार दुर्घटना का शिकार हुए, जिन्हे एक स्थानीय बस ड्राइवर सुशील कुमार ने समय रहते कार के ब्लास्ट होने से पहले बाहर निकाला और उनकी जान बचा ली।

सुशील कुमार कथित तौर पर सड़क के दूसरी तरफ गाड़ी से जा रहा था, जब उसने भारतीय क्रिकेटर की कार का एक्सीडेंट होते देखा। जब उस बस ड्राइवर में देखा कि ऋषभ पंत की कार में आग लगने वाली है, तो वह बिना देरी किए सड़क के दूसरी ओर पहूंचा और कार का शीशा तोड़कर उसे खींचते हुए डिवाडर के पास ले आया।

इस तरह भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज भयानक कार दुर्घटना से बाल-बाल बच निकले। इस बीच, सुशील कुमार ने यह भी बताया कि ऋषभ पंत का सामान सड़क पर बिखरा हुआ था, जिसे उन्होंने और उनके साथ मौजूद बस कंडक्टर ने उठाया और वापस क्रिकेटर को लौटा दिया।

ऋषभ पंत का चेहरा खून से लथपथ था: सुशील कुमार

सुशील कुमार ने हिंदुस्तान टाइम्स के हवाले से कई मीडिया आउटलेट्स को बताया: ‘ऋषभ पंत ने हमें अपनी मां का नंबर दिया। हमने उन्हें कॉल किया, लेकिन उनका फोन स्विच ऑफ आ रहा था। एक्सीडेंट के 15 मिनट बाद एंबुलेंस आई और हम उसे हॉस्पिटल ले गए। उसका सारा पैसा सड़क पर बिखरा पड़ा था, जिसे हमने उठाकर उसके हाथों में सौंप दिया। जब मैंने उससे पूछा कि क्या वह कार में अकेला था, तो उन्होंने कहा कि वह अकेला है। उसका चेहरा खून से लथपथ था और उसके कपड़े फटे हुए थे और उसकी पीठ पर खरोंच थी। वह बहुत घबराया हुआ था और लंगड़ा रहा था।

हम मदद के लिए चिल्लाने लगे, लेकिन कोई नहीं आया। मैंने नेशनल हाईवे पर फोन किया, किसी ने जवाब नहीं दिया। फिर मैं पुलिस के पास दौड़ा-दौड़ा गया और फिर कंडक्टर ने एंबुलेंस के लिए फोन लगाया। हम पंत से लगातार पूछते रहे कि क्या वह ठीक है। उसे थोड़ा पानी भी पिलाया। भीड़ के इकट्ठा होने के बाद उसने हमें बताया कि वह ऋषभ पंत है। मैं क्रिकेट नहीं देखता इसलिए मुझे नहीं पता था कि वह कौन है, लेकिन मेरे कंडक्टर ने मुझसे कहा ‘सुशील….वह एक भारतीय क्रिकेटर है’।’

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