बीसीसीआई ने महिला आईपीएल टीमों के स्वामित्व और संचालन के अधिकार के लिए टेंडर जारी किया
महिला आईपीएल (WIPL) के पहले सीजन के मार्च में शुरू होने की उम्मीद है।
अद्यतन - Jan 4, 2023 10:04 am

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने 3 जनवरी को महिला इंडियन प्रीमियर लीग (महिला आईपीएल) के पहले सीजन में टीमों के स्वामित्व और संचालन के अधिकार के लिए बोलियां आमंत्रित करने की घोषणा की है, जिसके लिए निविदा आमंत्रण प्राप्त करने की अंतिम तारीख 21 जनवरी है।
इससे पहले, बीसीसीआई ने पिछले महीने दिसंबर 2022 में 2023-27 चक्र के लिए महिला आईपीएल (WIPL) के मीडिया अधिकारों के लिए निविदाएं भी जारी कीं थी। अब आईपीएल की गवर्निंग काउंसिल ने निविदा प्रक्रिया के माध्यम से महिला आईपीएल (WIPL) में टीमों के “स्वामित्व और संचालन के अधिकार” हासिल करने के लिए प्रतिष्ठित संस्थाओं से बोलियां आमंत्रित की है। आपको बता दें, महिला आईपीएल (WIPL) के पहले सीजन के कथित तौर पर मार्च (3-26 मार्च) में शुरू होने की उम्मीद है।
बीसीसीआई ने महिला आईपीएल टीमों के अधिकारों के लिए बोलियां आमंत्रित की
इस बीच, बीसीसीआई ने आधिकारिक बयान में कहा, “आईपीएल की गवर्निंग काउंसिल एक निविदा प्रक्रिया के माध्यम से प्रतिष्ठित संस्थाओं से महिला इंडियन प्रीमियर लीग में टीमों के स्वामित्व और संचालन का अधिकार हासिल करने के लिए बोलियां आमंत्रित करती है। निविदा आमंत्रण 21 जनवरी, 2023 तक खरीद के लिए उपलब्ध रहेगा। निविदा प्रक्रिया को नियंत्रित करने वाले विस्तृत नियम और शर्तें, पात्रता आवश्यकताएं , बोलियों को प्रस्तुत करने की प्रक्रिया, प्रस्तावित टीम के अधिकारों और दायित्वों सहित अन्य जानकारी ‘निविदा के लिए आमंत्रण’ (आईटीटी) में दिए गए हैं।
5,00,000 रुपये के गैर-वापसी योग्य शुल्क के साथ ही कोई भी लागू वस्तु एवं सेवा कर के भुगतान की प्राप्ति के बाद ही इच्छुक पार्टियों को ITT उपलब्ध कराया जाएगा। ITT दस्तावेज प्राप्त करने की प्रक्रिया इस दस्तावेज के अनुबंध A में सूचीबद्ध है। इच्छुक पार्टियों से ITT की खरीद के लिए किए गए भुगतान की रिसिप्ट को wipl.teams@bcci.tv पर ईमेल करने का अनुरोध किया जाता है। बोली में हिस्सा लेने वाली किसी भी इच्छुक पार्टी का ITT खरीदना आवश्यक है।
हालांकि, केवल ITT में निर्धारित पात्रता मानदंडों और उसमें निर्धारित अन्य नियमों और शर्तों को पूरा करने वाली पार्टियां ही बोली लगाने की पात्र होगी। इसके अलावा, बीसीसीआई के पास किसी भी स्तर पर बोली प्रक्रिया को रद्द करने या संशोधित करने का अधिकार है।”