युजवेंद्र चहल को लेकर माइक हेसन का खुलासा, बताया आखिर क्यों RCB ने उनकी जगह वानिन्दु हसरंगा को किया टीम में शामिल
माइक हेसन ने इस बात का खुलासा किया कि युजवेंद्र चहल की जगह वनेन्दु हसरंगा को चुनने के पीछे टीम का क्या प्लान था।
अद्यतन - मार्च 21, 2023 2:48 अपराह्न

इंडियन प्रीमियर लीग का आगाज 31 मार्च से होने जा रहा है। जिसको लेकर सभी टीमें अभी से ही तैयारियों में लग गई है। वहीं इस आगामी सीजन में कई ऐसे खिलाड़ी रहे हैं जो इस बार अपनी टीम का हिस्सा नहीं है। वहीं युजवेंद्र चहल जो साल 2021 तक RCB टीम का अहम हिस्सा थे, उनको टीम ने पिछले सीजन हुए मेगा ऑक्शन से पहले रिलीज कर दिया था, जिसको लेकर टीम मैनेजमेंट पर काफी सवाल उठे थे।
युजवेंद्र चहल के साइन करने के लिए आरसीबी के पास नहीं थी पर्याप्त राशि- माइक हेसन
बता दें युजवेंद्र चहल की जगह श्रीलंका के स्टार स्पिनर वानिन्दु हसरंगा को RCB की टीम में जगह मिली। इसको लेकर अब RCB के क्रिकेट निदेशक माइक हेसन ने इस बात का खुलासा किया कि, यूजी की जगह टीम ने हसरंगा को क्यों चुना गया। उनका कहना था कि, हसरंगा पर ₹10.75 करोड़ खर्च करने के बाद, आरसीबी के पास युजवेंद्र चहल को फिर से साइन करने के लिए पर्याप्त पैसा नहीं था।
माइक हेसन ने आरसीबी पोडकास्ट में बातचीत के दौरान इस बात का खुलासा किया कि, युजवेंद्र चहल की जगह वानिन्दु हसरंगा को चुनने के पीछे टीम का क्या प्लान था। उन्होंने कहा कि, आरसीबी यूजी और हसरंगा में से किसी एक को चुनने को लेकर काफी संशय में थी। वह यह फैसला नहीं ले पा रही थी कि हसरंगा या चहल में से किसे मौके दें।
उन्होंने आगे बताया कि, हम निश्चित रूप से यूजी को अपनी टीम में शामिल करने में सक्षम नहीं थे। हम उन दोनों को ही खो सकते थे। हालांकि मुझे पता है कि यह कई लोगों और खुद यूजी के साथ सही नहीं हुआ। हमने उस समय उसके साथ बातचीत भी की थी। वह नीलामी के डायनामिक को समझता है, लेकिन इसके साथ ही इसमें इमोशन भी थे और मैं जिस भूमिका में हूं, मैं इमोशनल होकर निर्णय नहीं ले सकता।
माइक हेसन ने आगे कहा कि, श्रीलंकाई मिस्ट्री स्पिनर के लिए ₹10.75 करोड़ की बोली लगाई गई थी, जो पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) के खिलाफ आखिरी बोली थी। तब हमने सोचा कि, हर्षल पटेल और वानिन्दु हसरंगा के साथ, नंबर 7 और नंबर 8 पर बल्लेबाजी और गेंदबाजी के लिए यह अच्छा विकल्प रहेगा, लेकिन इसकी कीमत क्या होगी। दरअसल हमारे पास पर्याप्त धन नहीं थे, इसलिए हमें इस फैसले के साथ जाना पड़ा।