लगातार हो रहे नियम में बदलाव के कारण क्रिकेट अब बहुत कठिन होता जा रहा है- सचिन तेंदुलकर
सचिन तेंदुलकर आज मना रहा है अपना 50वां जन्मदिन।
अद्यतन - अप्रैल 24, 2023 11:38 पूर्वाह्न

दुनिया के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने अपने 50वां जन्मदिन से पहले क्रिकेट की कमियों पर खुलकर बात की, खासकर पिछले कुछ सालों में हुए कई नियमों में बदलाव के बारे में बात की। उन्होंने गेंदबाजों को अब गेंद पर सलाइवा का उपयोग करने की अनुमति ना मिलने पर और वनडे क्रिकेट में दो गेंदों के साथ शुरुआत करने से रिवर्स स्विंग का गायब होने जैसी चीजों पर बातचीत की।
इन सभी मुद्दों पर बातचीत करते हुए सचिन तेंदुलकर ने कहा कि, क्रिकेट हर बीतते दिन के साथ कठिन होता जा रहा है क्योंकि समय के साथ नियम बदल रहे हैं। उन्होंने अंपायर कॉल नियम पर भी खुलकर बात की , उनका मानना है कि वह इस नियम के पीछे के मकसद के बारे में समझने में असफल रहे हैं क्योंकि उनका कहना है कि इस नियम से खिलाड़ी संतुष्ट नजर नहीं आते।
हम लगातार नियम में बदलाव कर रहें हैं- सचिन तेंदुलकर
News18 से बातचीत करते हुए सचिन तेंदुलकर ने कहा कि, क्रिकेट काफी मुश्किल होता जा रहा है क्योंकि हम लगातार नियम में बदलाव कर रहें हैं। हालांकि अगर हमारे पास नियमों का एक सेट है और अगर हम उन नियमों से चिपके रहते हैं, अगर वे अच्छी तरह से काम कर रहे हैं तो यह उतना मुश्किल नहीं होगा। सच कहूं तो हमारे पास तीन अलग-अलग फॉर्मेट हैं, हालांकि बहुत अकम ऐसे गेम हैं जहां अलग-अलग फॉर्मेट हो।
उन्होंने अपनी बात को जारी रखते हुए आगे कहा कि, मैं ईमानदारी से यह सोचने में असफल रहा हूं कि वे क्या सोच रहे हैं। मुझे लगता है अगर कोई गेंद स्टंप के किसी भी हिस्से में लग रही है तो वह आउट है। यह दोनों टीमों के लिए हैं। एक बार जब हम तीसरे अंपायर के तरफ जाते हैं तो मेरे लिए यह स्पष्ट है कि मैदान पर खिलाड़ी इस नियम से खुश नहीं है। ऐसे में फिर से उस व्यक्ति के पास क्यों वापस जाना जिसपर आपको भरोसा नहीं है।
सचिन तेंदुलकर ने कहा कि, यह बिलकुल वैसा है जैसे एक ही कप में थोड़ा चाय मिला दो और थोड़ा कॉफी डाल दो। मुझे लगता है यह काम नहीं करता है। साथ ही वह इस नियम से सहमत नजर आएं जहां बल्लेबाजों को कैच के दौरान अपनी स्ट्राइक बदलने की अनुमति नहीं है।